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अतिक्रमण कर बने धार्मिक स्थल हटाने के लिए कानून लाएगी UP सरकार, ड्राफ्ट तैयार

सूत्रों का कहना है कि सरकार इस कानून को विधानसभा के अगले सत्र में ला सकती है. इस कानून में यह प्रावधान है कि सार्वजनिक जगह पर अगर धार्मिक स्थल बनाया गया हो तो ऐसे में 3 साल तक की सजा हो सकती है.

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 20 Mar 2021, 10:58:17 AM
yogi adithyanath

अतिक्रमण कर बने धार्मिक स्थल हटाने के लिए कानून लाएगी UP सरकार (Photo Credit: न्यूज नेशन)

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सड़क किनारे अतिक्रमण कर बनाए गए धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर इनकी सूची शासन को भेजने के लिए कहा था. सरकार ने इस अतिक्रमण को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए योगी सरकार कानून लाने की तैयारी कर रही है. सूत्रों का कहना है कि सरकार इस कानून को अगले विधानसभा सत्र में ला सकती है. कानून में यह भी प्रावधान किया जाएगा कि अगर सार्वजनिक जगहों पर अतिक्रमण कर कोई धार्मिक स्थल बनाया गया तो 3 साल तक की सजा हो सकती है. उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग ने मुख्यमंत्री को प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट सौंप दिया है. प्रस्तावित कानून के ड्राफ्ट में अवैध रूप से धार्मिक स्थल बनाने पर तीन साल तक की सजा की सिफारिश की गई है.

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ड्राफ्ट तैयार 
जानकारी के मुताबिक इसके लिए ड्राफ्ट कर कर लिया गया है. आयोग की ओर से इसके लिए तीन श्रेणियों का प्रस्ताव दिया गया है. पहली श्रेणी में निर्धारित तिथि से पहले बने धार्मिक स्थलों को नियमित करने की सिफारिश की गई है. ऐसे ही धार्मिक स्थलों को नियमित किया जाएगा जिनसे किसी भी तरह की ट्रैफिक की बाधा ना हो. दूसरी श्रेणी में ऐसे धार्मिक स्थलों को शिफ्ट कराने या छोटा कराने की सिफारिश की गई है. जबकि, तीसरी श्रेणी में एक निश्चित तिथि के बाद बनाए गए धार्मिक स्थलों को हटाने की सिफारिश की गई है. इस मामले में उत्तर प्रदेश की कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर बने अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए उत्तर प्रदेश विधि आयोग द्वारा कड़े कानून बनाने की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक का कहना है कि विधि आयोग का ड्राफ्ट सरकार को मिल चुका है. कानून के ड्राफ्ट को लेकर न्याय विभाग समीक्षा कर रहा है. ड्राफ्ट की समीक्षा के बाद इसे सीएम को सौंपा जाएगा. 

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तीन साल की हो सकती है सजा 
राज्य विधि आयोग के चेयरमैन ए एन मित्तल ने शुक्रवार को आयोग के चेयरमैन ए एन मित्तल ने प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट सीएम योगी को सौप दिया है. प्रस्तावित कानून की समीक्षा करने के बाद राज्य सरकार इसे लागू कर सकती है. प्रस्तावित कानून में 3 साल की सजा का प्रावधान भी किया गया है. गौरतलब है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में इस तरह के कानून पहले से ही हैं. यूपी में प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट इन दोनों राज्यों के कानून के आधार पर ही तैयार किया गया है. बता दें कि हाल ही में यूपी सरकार ने सड़क पर या सड़क किनारे कराए गए धार्मिक स्थलों के निर्माण हटवाने के निर्देश दिए थे.  

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First Published : 20 Mar 2021, 10:58:17 AM

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