Prayagraj: मौनी अमावस्या पर जमकर बवाल, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम में स्नान से किया इनकार

प्रयागराज में संगम तट पर मौनी अमावस्या के मौके पर शंकरचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दिया. उन्होंने शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है

प्रयागराज में संगम तट पर मौनी अमावस्या के मौके पर शंकरचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दिया. उन्होंने शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है

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Mohit Saxena
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प्रयागराज में संगम तट पर मौनी अमावस्या पर स्नान के दौरान रविवार को बवाल मच गया. शंकरचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने यहां पर स्नान करने से मना कर दिया. उन्होंने शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ बदसलूकी की है. स्नान करने से रोका गया. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इस पर नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि अब वे बिना स्नान किए वापस जा रहे हैं. 

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जानें पुलिस-प्रशासन ने क्या कहा

पुलिस का कहना है कि माघ मेले में मौनी अमावस्या के कारण संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी. इसकी वजह से ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रशासन ने एहतियातन रोक दिया था. भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शंकराचार्य को रथ से उतरकर तट तक पैदल जाने का अनुरोध किया था. इसके बाद भी शंकराचार्य के समर्थक और भक्त नहीं माने और संगम तट की ओर बढ़ने लगे. इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प भी हो गई. उस समय पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर बीचबचाव के लिए पहुंच गए. 

संतों-श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा

इस बीच माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं पर पुष्य वर्षा हुई. योगी सरकार ने इसका आयोजन किया. श्रद्धालुओं और साधु संतों पर पुष्प वर्षा करवाई गई. पुष्प वर्षा करके योगी सरकार सरकार ने सनातन की आस्था का सम्मान किया. पुष्प वर्षा से श्रद्धालु और साधु संत काफी खुश नजर आए. 

हरिद्वार, वाराणसी में भी भारी भीड़ 

माघ मेले का तीसरा और सबसे अहम स्नान में से एक मौनी अमावस्या का दिन होता है. ऐसे में बड़ी संख्या में यहां पर श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. रविवार सुबह घने कोहरे और ठंड के मौसम के बीच मौनी अमावस्या के मौके पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम घाट पर पहुंचे. इस बीच मौनी अमावस्या के अवसर पर धार्मिक नगरी हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज में आस्था का भव्य संगम देखने को मिला. कड़ाके की ठंउ के बाद भी सुबह-सुबह लाखों की संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंचे. यहां पर पवित्र स्नान किया. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच श्रद्धालु स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. 

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