आलू की सैंडविच, आलू के पराठे, आलू की पूरी...अब बस और नहीं आलू, लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्राओं की परेशानी से हैरान हुए लोग

सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि हॉस्टर की छात्राएं खाने को लेकर प्रदर्शन कर रही होती है. ये वीडियो यूपी की राजधानी लखनऊ की बताई जा रही है.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि हॉस्टर की छात्राएं खाने को लेकर प्रदर्शन कर रही होती है. ये वीडियो यूपी की राजधानी लखनऊ की बताई जा रही है.

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Ravi Prashant
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Lucknow University video

वायरल वीडियो Photograph: (x/@meevkt)

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय के गंगा हॉस्टल में छात्राओं ने मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. धरने पर बैठी छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में लगातार बेहद खराब और एक जैसा भोजन परोसा जा रहा है, जिससे वे परेशान हो चुकी हैं.

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प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने नाराजगी जताते हुए कहा, “आलू की सैंडविच, आलू के पराठे, आलू की पूरी, आलू की सब्जी... आखिर आलू कब तक खाएं.” छात्राओं का आरोप है कि मेन्यू में विविधता नहीं है और भोजन की गुणवत्ता भी बेहद खराब है.

खराब भोजन से बिगड़ी तबीयत

छात्राओं के अनुसार, लगातार खराब खाना खाने की वजह से कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. उल्टियां होने की शिकायत सामने आई है. बताया जा रहा है कि एक विधि छात्रा उल्टी के बाद बेहोश भी हो गई. इस घटना के बाद साथी छात्राओं का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने हॉस्टल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि चाय में भी पानी की मात्रा अधिक होती है और खाने की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है. उनका कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है.

पहले भी की गई थीं शिकायतें

प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार हॉस्टल प्रशासन और प्रोवोस्ट से मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी. हालांकि, उनके मुताबिक अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. छात्राओं का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद मेस संचालन में सुधार नहीं हुआ, जिससे उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा.

मेस संचालक पर कार्रवाई की मांग

धरने पर बैठी छात्राओं ने प्रोवोस्ट से मेस संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक खाने की गुणवत्ता में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच की बात कही जा रही है.

छात्र स्वास्थ्य और जवाबदेही का सवाल

यह मामला एक बार फिर छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है. छात्राओं का कहना है कि वे बेहतर और सुरक्षित भोजन की मांग कर रही हैं, जो उनका मूल अधिकार है.

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