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विकास परियोजनाओं में लेटलतीफी, भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं : योगी

बस्ती मंडल में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थ नगर में गौतमबुद्ध की क्रीड़ास्थली, संतकबीरनगर में संत कबीर की निर्वाणस्थली और बस्ती में मखौड़ाधाम और 84 कोसी परिक्रमा का क्षेत्र है.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 16 Sep 2020, 08:05:03 AM
CM Yogi Adityanath

सीएम योगी आदित्यनाथ (Photo Credit: फाइल )

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास कार्यों में लेटलतीफी से परियोजना का वित्तीय बोझ अनावश्यक बढ़ जाता है. यह व्यवस्था कतई स्वीकार्य नहीं है. मुख्यमंत्री योगी ने यह निर्देश मंगलवार को लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर बस्ती मंडल (बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीर नगर) के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए. विकास कार्यों में पारदर्शिता लाएं, हर काम ई-टेंडरिंग के जरिये हो.

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PM आवास, CM आवास और शौचालयों की जियो टैगिंग
सीएम ने कहा कि सभी विभागाध्यक्षों को साफ निर्देश दिए कि समयबद्धता और गुणवत्ता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था का चयन करते समय उसकी क्षमता की परख जरूर की जाए, साथ ही कहा है कि पीएम आवास, सीएम आवास और शौचालयों की जियो टैगिंग जरूर कराई जाए. भगवान गौतम बुद्ध की क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु में भारत स्वदेश योजनांतर्गत पर्यटन विकास की परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने जवाबदेह अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए. वहीं, बस्ती में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन को स्वीकृति के 11 साल बाद भी अधूरा होने पर नाराजगी जताई.

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'दोषियों से वसूली भी कराई जाए'
योगी ने सिद्धार्थ नगर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की गुणवत्ता की परख के लिए मुख्यालय से टीम भेजने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रयास हो, परियोजनाओं की पुन आंकलन की जरूरत न पड़े, भ्रष्टाचार की शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई की जाए. दोषियों से वसूली भी कराई जाए. उन्होंने कहा कि जिले से लेकर शासन स्तर के अधिकारी तय समय सीमा में निर्णय लें. जिस स्तर पर देरी होगी, उसकी जवाबदेही तय की जाए. हर काम के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की जाए.

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'पर्यटन में असीम संभावनाएं'
बस्ती मंडल में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं बताते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थ नगर में गौतमबुद्ध की क्रीड़ास्थली, संतकबीरनगर में संत कबीर की निर्वाणस्थली और बस्ती में मखौड़ाधाम और 84 कोसी परिक्रमा का क्षेत्र है. इन्हें आधार बनाकर पर्यटन विकास की कार्य योजना बनाएं और क्रियान्वित करें. समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने अवगत कराया कि बस्ती में संचालित अमृत योजना तीन फेज में संचालित की जानी है. प्रथम चरण के अंतर्गत गृह संयोजन एवं वटर मीटर की स्थापना की जानी थी, जिसके अंतर्गत 2440 मीटर सहित गृह संयोजन एवं 2925 वाटर मीटर की स्थापना की गई है. फेज एक का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण है.

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'गन्ना किसानों का भुगतान जल्द हो'
गन्ना किसानों के बकाए की स्थिति से अवगत होते हुए मुख्यमंत्री ने चीनी मिल, अठदमा, रुधौली में बकाये की भुगतान की समस्या समाधान के लिए अपर मुख्य सचिव, गन्ना विकास को प्रकरण के समाधान के निर्देश दिए. उन्होंने कहा है कि नए पेराई सत्र से पहले गन्ना किसानों का बकाया भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाए.

First Published : 16 Sep 2020, 08:05:03 AM

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