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Lucknow Pathology Owner Murder: लखनऊ में एक बेटा अपने पिता की डांट से इतना नाराज हो गया कि उसने बहन के सामने ही अपने पिता की हत्या कर दी. मामला लखनऊ के पॉश आशियाना इलाके का है. जहां 21 वर्षीय बीकॉम के एक छात्र ने कथित तौर पर अपने पिता की हत्या कर दी.
नीले ड्रम में मिला धड़ और सिर
पुलिस के मुताबिक, 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह एक शराब व्यापारी और पैथोलॉजी लैब के मालिक थे. 20 फरवरी की सुबह उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसके बाद शव को कई टुकड़े किए और अवशेषों को एक नीले ड्रम में डाल दिया गया. पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया. पीड़ित का धड़ और सिर ड्रम के अंदर मिला, जबकि आरोपी ने अपने अपराध को छिपाने के लिए हाथ-पैर दूसरे स्थान पर फेंक दिए.
मेरठ हत्याकांड की ताजा हुई याद
इस घटना ने मेरठ में हुए उस हत्याकांड की याद दिला दी, जिसमें एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की उसके बाद शव के टुकड़े-टुकड़े कर नीले ड्रम में पैक कर दिए. लखनऊ की घटना मार्च 2025 में मेरठ में हुए हत्याकांड के लगभग एक साल बाद हुई है, जब नीले प्लास्टिक के ड्रम राष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात हो गए थे. इस हत्याकांड में 29 वर्षीय मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उनके प्रेमी साहिल शुक्ला ने हत्या कर दी थी. मेरठ मामले में, अपराधियों ने शव को 15 टुकड़ों में काट दिया, उन्हें एक बड़े नीले ड्रम में रखा और गंध को छिपाने और खोज में देरी करने के लिए उसे गीले सीमेंट से सील कर दिया.
मेरठ मामले के बाद शुरू की पिता की हत्या की तैयारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बेटे का अपने पिता से अक्सर झगड़ा होता था और मेरठ मामले के बारे में सोशल मीडिया पर पढ़ने के बाद वह लगभग एक साल से उन्हें जान से मारने की योजना बना रहा था. लखनऊ में हुई इस घटना की जड़ पिता द्वारा बेटे पर बी.कॉम के बजाय नीट परीक्षा देने का दबाव डालने को लेकर हुए विवाद में छिपी थी; हालांकि बेटे ने इस बात से असहमति जताई. इस बात की जानकारी सेंट्रल पुलिस उपायुक्त विक्रांत वीर ने दी है. डीसीपी ने बताया कि, "49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह तीन दिन से लापता थे, जिसकी शिकायत उनके बेटे ने दर्ज कराई थी. इस मामले में पुलिस ने 21 वर्षीय अक्षत सिंह को गिरफ्तार किया, क्योंकि उसके विरोधाभासी बयानों से साजिश का खुलासा हुआ."
बहन के सामने मारी पिता को गोली
उन्होंने आगे बताया कि यह घटना आशियाना सेक्टर एल स्थित उनके तीन मंजिला घर में हुई. जहां फोरेंसिक टीमें सबूत जुटा रही हैं. पुलिस के अनुसार, हत्या 20 फरवरी को सुबह करीब 4:30 बजे हुई थी. पुलिस ने एक बयान में कहा कि, "मानवेंद्र के साथ तीखी बहस के बाद, अक्षत ने अपने पिता की लाइसेंसी राइफल छीनकर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई." यह घटना अक्षत की छोटी बहन के सामने घटी. जो अभी 11वीं क्लास में पढ़ती है. आरोप है कि उसने अपनी बहन को धमकी दी थी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा. डीसीपी ने कहा कि, "बहन ने पूरी घटना देखी, लेकिन उसे धमकाकर चुप करा दिया गया."
हत्या के बाद बनाई गुमशुदा होने की झूठी कहानी
काकोरी स्थित वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक और शराब कारोबार में शामिल मानवेंद्र को आखिरी बार उस सुबह देखा गया. पिता की मौत के बाद बेटे अक्षत ने झूठी कहानी पुलिस को बताई. उसने पुलिस को बताया कि, उसके पिता ने उसे सुबह 6 बजे जगाया और कहा कि वह दिल्ली जा रहे हैं और दोपहर तक लौट आएंगे. लेकिन मानवेंद्र के तीनों मोबाइल नंबर बंद होने से परिवार चिंतित हो गया.
आशियाना के एसएचओ क्षत्रपाल ने बताया कि, "सबूत मिटाने के लिए अक्षत शव को तीसरी मंजिल से घसीटकर बेसमेंट के एक खाली कमरे में ले गया. वहां उसने घर के औजारों का इस्तेमाल करके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. उसने कुछ हिस्सों को अपनी कार में लादा और सदराउना नामक एक सुनसान इलाके में ले जाकर उन्हें फेंक दिया." वहीं डीसीपी ने बताया कि, "धड़ और सिर को एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर उसी कमरे में छिपा दिया गया. अक्षत ने बाद में इसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन इससे पहले ही वह पकड़ा गया."
सोमवार शाम को गिरफ्तार किया गया बेटा
पुलिस ने सोमवार शाम को अक्षत को हिरासत में लेकर उसके घर पर छापा मारा और क्षत-विक्षत अवशेषों वाला ड्रम बरामद किया. फोरेंसिक विशेषज्ञ कार और घर में खून के धब्बों की जांच कर रहे हैं, जबकि टीमें लापता हिस्सों की तलाश में सदराउना में तलाशी अभियान चला रही हैं. जब अक्षत ने कार को साफ किया तो उसकी चाची के शक हुआ और जिन्होंने उससे इस बारे में पूछा, लेकिन उसने बात को टाल दिया.
सोमवार को पुलिस ने अक्षत को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने पिता की हत्या की बात कबूल कर ली. बता दें कि मानवेंद्र का परिवार जालौन जिले का रहने वाला है. मानवेंद्र के पिता उत्तर प्रदेश पुलिस के रिटायर्ड अधिकारी हैं. मानवेंद्र की पत्नी का नौ साल पहले निधन हो चुका है.
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