पिता ने जिंदा बेटी का छपवाया शोक संदेश, फिर किया मृत्युभोज; जानें कैसे आई रिश्तों में खटास?

राजस्थान के उदयपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक पिता ने अपनी जिंदा बेटी का शोक संदेश छपवाया और उसका मृत्युभोज भी कर दिया. चलिए जानते हैं पिता ने ये कदम क्यों उठाया?

राजस्थान के उदयपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक पिता ने अपनी जिंदा बेटी का शोक संदेश छपवाया और उसका मृत्युभोज भी कर दिया. चलिए जानते हैं पिता ने ये कदम क्यों उठाया?

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Suhel Khan
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Udaipur alive girl funeral

पिता ने जिंदा बेटी का छपवाया शोक संदेश Photograph: (Social Media)

भारत में वैवाहिक संबंध खराब होने की तमाम खबरें सामने आ रही हैं. ऐसा ही एक मामला राजस्थान के उदयपुर जिले से सामने आया है. जहां एक पिता ने अपनी जिंदा बेटी को सामाजिक रूप से मृत मानते हुए उसके शोक संदेश छपवाया और फिर मृत्युभोज भी करवा दिया. इसके साथ ही पिता ने अपनी बेटी को वसीयत से बेदखल कर उससे सभी पारिवारिक संबंध भी तोड़ लिए. पूरी घटना उदयपुर शहर के नजदीक प्रतापनगर थाना क्षेत्र के चौहानवास गांव की बताई जा रही है.

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जानें क्या है पूरा मामला?

दरअसल, चौहानवास गांव के एक शख्स ने करीब दो महीने पहले अपनी बेटी की शादी बड़ी धूमधाम से की. शादी की सभी रस्म निभाई गई. शादी के कुछ दिनों तक सबकुछ सामान्य था, लेकिन एक दिन अचानक उसकी बेटी ने अपने पति को धोखा देते हुए अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई. जानकारी के मुताबिक, इसके बाद बेटी ने न सिर्फ ससुराल बल्कि मायके से भी नाता तोड़ लिया. इस बात की जानकारी जब पिता को हुई तो उन्होंने बेटी को समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसने अपना फैसला नहीं बदला.

अपने फैसले पर अड़ी रही युवती

बताया जा रहा हैकि युवती 23 जनवरी को ससुराल से निकलकर प्रेमी के साथ फरार हो गई. परिजनों ने पहले उसे समझाने की भरसर कोशिश की. लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. उसके बाद पुलिस की मदद ली गई. 28 जनवरी को परिजन युवती के पास पहुंचे. लगातार दो दिनों से उससे बातचीत की गई. लेकिन उसने अपना फैसला बदलने से इनकार कर दिया. पिता के मुताबिक, बेटी ने साफ शब्दों में कह दिया कि वह अब किसी भी तरह का पारिवारिक संबंध नहीं रखना चाहती. वह अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती है. बेटी के इस निर्णय से पिता बेहद आहत हुए और उन्होंने सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर बेटी को मृत मान लिया.

शोक संदेश छपवाकर किया मृत्युभोज

बेटी  के इस फैसले के बाद पिता ने भी उसे मृत मान लिया और उसका शोक संदेश छपवाया. उसके बाद उसका मृत्युभोज भी किया. पिता का कहना है कि उसी दिन परिवार ने हिंदू धर्म की परंपराओं के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु पर निभाए जाने वाले सभी सामाजिक रीति-रिवाज पूरे कर दिए. पिता ने बेटी को अपनी संपत्ति की वसीयत से बेदखल कर दिया और हमेशा के लिए उससे रिश्ते खत्म कर लिए.

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