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sadhvi prem baisa
Sadhvi Prem Baisa Death: जोधपुर के एक निजी अस्पताल में साध्वी और प्रसिद्ध कथावाचक प्रेम बाईसा की मौत के बाद उनके अनुयायियों और संत समाज में गहरा शोक है. एक मामूली जुकाम के इलाज के दौरान दिए गए इंजेक्शन के बाद उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस पूरी घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
साध्वी प्रेम बाईसा का पार्थिव शरीर आज यानी शुक्रवार, 30 जनवरी को जब उनके पैतृक गांव परेऊ (जिला बालोतरा) पहुंचा, तो पूरा गांव गम में डूब गया. सैकड़ों श्रद्धालु, संत और ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे. परिजनों ने परंपरा के अनुसार उन्हें समाधि देने का फैसला किया, लेकिन इसके साथ ही न्याय की मांग भी तेज होती गई.
नहीं थी कोई गंभीर बीमारी
साध्वी के पिता वीरम नाथ ने बताया कि उनकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ थीं. धार्मिक कार्यक्रमों में व्यस्त जरूर रहती थीं, लेकिन उन्हें कोई बड़ी बीमारी नहीं थी. 28 जनवरी को उन्हें हल्का जुकाम और गले में खराश थी. उन्होंने अस्पताल जाने के बजाय घर पर ही डॉक्टर बुलाने को कहा. एक कंपाउंडर आया और जांच के बाद इंजेक्शन लगाया गया.
इंजेक्शन के 30 सेकंड बाद बिगड़ी हालत
परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगने के करीब 30 सेकंड बाद ही साध्वी की हालत अचानक बिगड़ गई. सांस लेने में परेशानी, बेचैनी और कमजोरी होने लगी. घबराए परिजन उन्हें तुरंत जोधपुर के प्रेक्षा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. ऐसे में अब कुछ बचा है तो वो हैं बस ये सवाल-
- क्या इंजेक्शन से एलर्जी हुई?
- क्या बिना जांच दवा दी गई?
- कहीं मेडिकल लापरवाही तो नहीं?
आखिरी शब्दों ने सबको झकझोर दिया
पिता वीरम नाथ ने बताया कि उनकी बेटी ने अंतिम समय में कहा था, 'मुझे जीते जी तो न्याय नहीं मिला, लेकिन मरने के बाद मुझे न्याय जरूर मिलना चाहिए.' इन शब्दों के बाद परिवार की मांग और मजबूत हो गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो.
सीसीटीवी हटाने पर भी सवाल
साध्वी के समर्थक प्रेमराज चौधरी ने बताया कि आश्रम से हाल ही में सीसीटीवी कैमरे हटाए गए हैं, जो संदेह पैदा करते हैं. इसकी भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम से इनकार नहीं होना चाहिए था. फिलहाल, गांव परेऊ में शोक का माहौल है. श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रेम बाईसा का जीवन सादगी, सेवा और भक्ति से भरा था. अब सभी की एक ही मांग है सच्चाई सामने आए और साध्वी को न्याय मिले.
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