विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गौसेवा के लिए दिए 20 लाख रुपये, गौ संरक्षण को बताया सामूहिक दायित्व

Rajasthan News: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जयपुर और अजमेर की चार गौशालाओं को भामाशाहों के सहयोग से 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. इस पहल से गौ संरक्षण और सेवा को नई मजबूती मिलेगी.

Rajasthan News: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जयपुर और अजमेर की चार गौशालाओं को भामाशाहों के सहयोग से 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. इस पहल से गौ संरक्षण और सेवा को नई मजबूती मिलेगी.

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Akansha Thakur
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Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गौ संरक्षण और गौ सेवा के क्षेत्र में एक सराहनीय कदम उठाया है. उन्होंने भामाशाहों के सहयोग से जयपुर और अजमेर की चार प्रमुख गौशालाओं को कुल 20 लाख रुपये का आर्थिक सहायता प्रदान की है.  इस सहायता का उद्देश्य गौवंश की बेहतर देखभाल, चारे की व्यवस्था और गौशालाओं की आधारभूत जरूरतों को पूरा करना है.

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किन गौशालाओं को मिला सहयोग

देवनानी ने यह आर्थिक सहायता अमरापुर गौशाला, प.पू. माधव गौ विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, पुष्कर गौशाला और श्री आनंद गोपाल गौशाला को प्रदान की.
इन सभी संस्थाओं को क्षेत्र में गौ सेवा और संरक्षण के लिए जाना जाता है. उन्होंने कहा कि गौशालाएं केवल पशुओं के आश्रय स्थल नहीं हैं. ये हमारी संस्कृति, करुणा और सेवा भाव की जीवंत मिसाल हैं.

भारतीय संस्कृति में दान का महत्व

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने भारतीय संस्कृति की मूल भावना पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि दान, सेवा, त्याग और पुण्य हमारे सामाजिक जीवन के मजबूत स्तंभ हैं. गौ सेवा इन सभी मूल्यों का सुंदर उदाहरण है. उनका मानना है कि समाज के सक्षम वर्ग को आगे आकर ऐसे कार्यों में सहयोग करना चाहिए. इससे न केवल पशुओं का कल्याण होता है, बल्कि मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होती हैं.

भामाशाहों की भूमिका सराहनीय

देवनानी ने भामाशाहों की भूमिका की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य संभव हो पाते हैं. जब जनप्रतिनिधि और समाज एक साथ आते हैं तो बड़े सकारात्मक बदलाव होते हैं. 

गौ संरक्षण से जुड़ा भविष्य

गौ संरक्षण आज केवल धार्मिक विषय नहीं रहा. यह पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जैव विविधता से भी जुड़ा है. गौशालाओं को आर्थिक मजबूती मिलने से इन सभी क्षेत्रों को लाभ होगा. विधानसभा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरित होंगे. भविष्य में और अधिक संस्थाएं गौ सेवा के लिए आगे आएंगी.

यह पहल समाज को यह संदेश देती है कि सेवा कार्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हैं. सामूहिक प्रयास से ही स्थायी बदलाव संभव है. गौ सेवा के माध्यम से मानवीय मूल्यों को फिर से मजबूत किया जा सकता है.

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