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Rajasthan:सरकारी आवास में 1000 से अधिक का गबन, मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की

कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की हैं क्यों कि गांधी नगर के इस इलाके में कई वीआईपी रहते हैं और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है.

Updated on: 18 May 2024, 02:10 PM

नई दिल्ली:

राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर के गांधीनगर इलाके में सरकारी फ्लैट्स योजना में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है. डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने जयपुर के गांधी नगर में बन रहे सरकारी फ्लैट्स में गबन आरोप लगाते हुए  मुख्यमंत्री से मामले की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है . 

सवाई माधोपुर में मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री मंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की हैं क्यों कि गांधी नगर के इस इलाके में कई वीआईपी रहते हैं और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है. डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने  कहा कि गांधी नगर इलाके में बन रहे सरकारी फ्लैट में गबन की आशंका है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के GAD यानी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा ओल्ड MREC कैंपस एवं गांधी नगर के कुछ सरकारी आवासों को तोड़कर वहां पर बहु मंजिला ईमारत बनवाने की योजना चल रही है . किरोड़ी ने कहा की पब्लिक प्राइवेट पाटनर्शिप से जो फ्लैट बन रहे है गाँधी नगर में 
उसमें सरकार को तकरीबन 1146 करोड़ का नुकसान हो रहा है .

योजना में बड़ा गड़बड़झाला

डॉक्टर किरोड़ी ने बताया कि जो योजना पांच वर्ष पहले 277 करोड़ की थी उसे आज पांच साल बाद और भी कम कैसे बताया जा रहा है. यानी उसकी क़ीमत 218 करोड़ कैसे फिक्स हुई है. उन्होंने कहा कि इससे साफ लग रहा है कि इस योजना में बड़ा गड़बड़झाला है. साथ ही किरोड़ी ने दावा किया है कि यह जमीन बेशकीमती है और इसका रिज़र्व प्राइस 8000 प्रति वर्ग आंका गया है, जबकि इसका सही रेट 25000 प्रति वर्ग है . यानी 17000 हज़ार प्रति वर्ग सरकार को नुकसान हो रहा है. 

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सरकारी नियमों की अनदेखी

किरोड़ी ने इस पर भी सवाल उठाए कि सरकार इससे घाटे की योजना कैसे बता रही है और इनमें जो टावर या फ्लैट्स निर्माण होंगे उनमें से 25 फ्लैट निजी व्यक्तियों को देने की बात कैसे कही गयी है. उन्होंने कहा कि गांधी नगर का जो इलाक़ा है ये वीआईपी इलाक़ा मन जाता है और यहां 18 से 19 मंज़िल बनाने का प्रावधान ही नहीं है. इसलिए यहां फ्लैट्स बनाना सरकारी नियमों और मास्टर प्लान का उल्लंघन है. यहां पे जो पेड़ काटे जा रहे हैं उस पर भी किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया है . डॉक्टर किरोड़ी ने ये भी कहा है की इस योजना को लेकर कैबिनेट से मंज़ूरी भी नहीं ली गई है. इस निर्माण योजना का 33 % हिस्सा निजी व्यक्तियों को कैसे दिया जाए इसको लेकर भी किरोड़ी ने सवाल उठाए हैं . 

सरकार को करीब 1146 करोड़ का नुकसान

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चेताया है कि इस योजना में सरकार को करीब 1146 करोड़ का नुकसान हो सकता है. ऐसे में इस योजना की उच्च स्तरीय जांच करना अति आवश्यक है. डॉक्टर किरोड़ी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस योजना की फ़ाइल वापस मंगाने ओर इसकी जांच कराने की बात कही है. क्योंकि ये विभाग डायरेक्ट मुख्यमंत्री के अधीन आता है. इसी के चलते उन्होंने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकृषित किया है. डॉक्टर किरोड़ी ने कहा कि उनके द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बाद कोर्ट ने इस योजना पर स्टे दे दिया है.

आशुतोष शर्मा की रिपोर्ट