पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, जालंधर में बनेगा ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र, गुरु रविदास की बाणी पढ़ेगी आने वाली पीढ़ी

Punjab News: पंजाब सरकार जालंधर में गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र बनाएगी. 9 एकड़ से अधिक जमीन पर बनने वाला यह केंद्र गुरु रविदास की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार का राष्ट्रीय मंच बनेगा.

Punjab News: पंजाब सरकार जालंधर में गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र बनाएगी. 9 एकड़ से अधिक जमीन पर बनने वाला यह केंद्र गुरु रविदास की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार का राष्ट्रीय मंच बनेगा.

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Yashodhan Sharma
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Punjab CM Bhagwant Mann

भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब Photograph: (Social Media)

Punjab News: पंजाब सरकार ने समाज सुधारक और संत श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. सरकार जालंधर जिले में डेरा बल्लां के पास श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र स्थापित करने जा रही है. इसका मकसद गुरु रविदास जी के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता के संदेश को देश-दुनिया तक पहुंचाना है.

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यह अध्ययन केंद्र अपने आप में अनोखी पहल- वित्त मंत्री

इस फैसले की जानकारी देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह अध्ययन केंद्र अपने आप में देशभर में एक अनोखी पहल होगी. उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने इसके लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से 9 एकड़ से ज्यादा जमीन केंद्र के नाम दर्ज कराई है. सरकार का मानना है कि गुरु रविदास जी की विचारधारा आज भी समाज के लिए उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी छह सौ साल पहले थी.

परियोजना के लिए कुल 3 रजिस्ट्रियां

वित्त मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए कुल तीन रजिस्ट्रियां की गई हैं. पहली रजिस्ट्री गांव नौगजा में 64 कनाल 5 मरले जमीन की है, जिसकी लागत करीब 5.41 करोड़ रुपये है. दूसरी रजिस्ट्री गांव फरीदपुर में 2 कनाल जमीन की है, जिस पर लगभग 16.74 लाख रुपये खर्च हुए हैं. वहीं तीसरी रजिस्ट्री भी फरीदपुर में 10 कनाल 14 मरले जमीन की है, जिसकी लागत करीब 1.44 करोड़ रुपये है. इस तरह कुल 76 कनाल 19 मरले जमीन खरीदी गई है और कुल खर्च 7 करोड़ रुपये से अधिक आया है.

सरकार को इस नेक काम योगदान देने पर गर्व

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार को इस नेक काम में योगदान देने पर गर्व है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार समानता, करुणा और सामाजिक न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने आगे कहा कि यह अध्ययन केंद्र आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और प्रेरणा का केंद्र बनेगा. यहां सेमिनार, शोध कार्य, प्रकाशन और समुदाय से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ना और समाज में फैले सामाजिक और आर्थिक भेदभाव को खत्म करने की दिशा में मजबूत कदम उठाना है.

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