10 लाख रुपये तक कैशलैस इलाज देने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और गलत सूचनाओं से सावधान रहें.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और गलत सूचनाओं से सावधान रहें.

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Dheeraj Sharma
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mann Photograph: (social media)

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और गलत सूचनाओं से सावधान रहें. एक वीडियो संदेश के ज़रिए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना पूरी तरह जनहित में है और इसका मकसद हर परिवार को कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया है कि पंजाब 10 लाख रुपये तक कैशलैस इलाज देने वाला देश का पहला राज्य बना है. 

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हर परिवार को 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसके तहत पंजाब का हर परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकता है. इस योजना का विशेष फोकस समाज के कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों पर है, जिन्हें बीमारी के समय भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है.

भारत में मुफ्त स्वास्थ्य सेवा की दिशा में बड़ा कदम

भगवंत मान ने इसे पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर मुफ्त और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं लागू करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है. इससे न सिर्फ आम लोगों का इलाज सुलभ होगा, बल्कि उन्हें कर्ज और आर्थिक संकट से भी राहत मिलेगी.

कैसे करें सेहत कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन

योजना के तहत सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और आम नागरिक स्वास्थ्य कार्ड के लिए पात्र हैं. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान रखी गई है. लोग सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों या आधार कार्ड और वोटर आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे.

निजी अस्पताल भी योजना में शामिल

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है. सरकार ने करीब 2,600 बीमारियों और इलाज प्रक्रियाओं के लिए तय दरें निर्धारित की हैं. अस्पतालों को इन्हीं दरों पर इलाज देना होगा और भुगतान सरकार सीधे अस्पतालों को करेगी.

मरीजों से एक पैसा नहीं लिया जाएगा

भगवंत मान ने दो टूक कहा कि योजना पूरी तरह कैशलेस है. इलाज, जांच, दवाइयों और अस्पताल से छुट्टी तक की पूरी प्रक्रिया में मरीज से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. यदि कोई अस्पताल पैसे की मांग करता है तो उसके खिलाफ कड़ी और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जाएगी.

अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ पंजाब विरोधी ताकतें इस योजना को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं. उनका कहना है कि ऐसी अफवाहों का मकसद लोगों को इस जनकल्याणकारी योजना से दूर रखना है. उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें.

जनता से योजना का लाभ उठाने की अपील

अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को देश और विदेश में सराहना मिल रही है. उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे आगे बढ़कर इस योजना का अधिकतम लाभ लें और एक स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर पंजाब के निर्माण में सहभागी बनें.

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