Punjab Lottery: मजदूर परिवार की लगी डेढ़ करोड़ की लॉटरी, अचानक हो गए सभी गायब, पुलिस जांच में सामने आई ये बात

Punjab Lottery: इस बड़ी रकम को लेकर खुशी होनी चाहिए थी, वहीं परिवार डर और घबराहट में जीने लगा. शक था कि पुरस्कार की खबर फैलते ही कोई उन्हें धमका सकता है या फिरौती मांग सकता है.

Punjab Lottery: इस बड़ी रकम को लेकर खुशी होनी चाहिए थी, वहीं परिवार डर और घबराहट में जीने लगा. शक था कि पुरस्कार की खबर फैलते ही कोई उन्हें धमका सकता है या फिरौती मांग सकता है.

author-image
Yashodhan Sharma
New Update
Punjab Lottery News

Punjab Lottery News

Punjab Lottery: पंजाब के फरीदकोट जिले में एक दिहाड़ी मजदूर परिवार की किस्मत अचानक बदल गई. उन्हें पंजाब स्टेट लॉटरी में 1.5 करोड़ रुपये का पहला इनाम मिला. लेकिन जहां इस बड़ी रकम को लेकर खुशी होनी चाहिए थी, वहीं परिवार डर और घबराहट में जीने लगा. शक था कि पुरस्कार की खबर फैलते ही कोई उन्हें धमका सकता है या फिरौती मांग सकता है. इसी डर ने परिवार को अपना घर छोड़कर छिपने पर मजबूर कर दिया.

Advertisment

ये है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, सैदेके गांव में रहने वाली नासिब कौर और उनके पति राम सिंह मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा करते हैं. कुछ दिन पहले नासिब कौर ने लॉटरी टिकट खरीदा था और खरीदते समय उन्होंने पति राम सिंह का मोबाइल नंबर दर्ज कराया था. गांव में लॉटरी बेचने वाले दुकानदार राजू के मुताबिक, राम सिंह पिछले दो साल से टिकट ले रहे थे, लेकिन इस बार उन्होंने 200 रुपये का महंगा टिकट खरीदकर अपनी किस्मत आजमाई और यही टिकट उन्हें करोड़पति बना गया.

दंपति को नहीं थी जीत की खबर

दिलचस्प बात यह रही कि दंपति को खुद भी इस जीत की खबर नहीं थी. नतीजे की जानकारी तब मिली जब सादिक कस्बे के एक लॉटरी विक्रेता के पास 6 दिसंबर को विजेताओं की सूची आई. सूची में राम सिंह का नंबर दर्ज देखकर विक्रेता ने फोन किया, लेकिन कॉल नहीं उठी क्योंकि राम सिंह उस समय राजस्थान में मजदूरी कर रहे थे. बाद में जब उन्हें पता चला कि वे 1.5 करोड़ रुपये जीत चुके हैं तो वे तुरंत गांव पहुंचे और पत्नी को सामान समेटने को कहा. इसके बाद तीनों अचानक घर छोड़कर अज्ञात जगह चले गए.

लोकेशन नहीं की सार्वजनिक

कई दिनों तक घर बंद मिलने पर गांव वालों को चिंता हुई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस की तलाश के बाद परिवार सुरक्षित मिल गया. सुरक्षा कारणों से उनकी लोकेशन सार्वजनिक नहीं की गई. जब अधिकारी उनसे मिले, तो राम सिंह ने बताया कि बड़ी रकम जीतने से उन्हें खुशी की जगह डर लगने लगा कि कहीं कोई उन्हें नुकसान न पहुंचा दे.

पुलिस ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया और समझाया कि चिंता की कोई बात नहीं है. आश्वासन मिलने के बाद परिवार घर लौटने को तैयार हो गया. बाद में लॉटरी विक्रेता उन्हें चंडीगढ़ ले गया, जहां उन्होंने विजयी टिकट जमा कराया.

यह भी पढ़ें: Punjab News: पंजाब को इंडस्ट्रियल हब बनाने के लिए भगवंत मान सरकार गंभीर, जापान और दक्षिण कोरिया दौरे को लेकर कही ये बातें

punjab
Advertisment