आम आदमी क्लीनिकों से बदली गर्भवती महिलाओं की तस्वीर, चार महीनों में हजारों को मुफ्त जांच और अल्ट्रासाउंड

Punjab News: पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों के जरिए गर्भवती महिलाओं को मुफ्त जांच और अल्ट्रासाउंड की सुविधा, चार महीनों में दिखने लगे सकारात्मक नतीजे.

Punjab News: पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों के जरिए गर्भवती महिलाओं को मुफ्त जांच और अल्ट्रासाउंड की सुविधा, चार महीनों में दिखने लगे सकारात्मक नतीजे.

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Yashodhan Sharma
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aam aadmi clinic pregnancy care punjab

aam aadmi clinic pregnancy care punjab Photograph: (NN)

Punjab News: पंजाब में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से शुरू किया गया प्रोटोकॉल-संचालित गर्भावस्था देखभाल मॉडल अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगा है. इस पहल के तहत बीते चार महीनों में 10 हजार से ज्यादा गर्भवती महिलाओं ने मुफ्त अल्ट्रासाउंड सेवाओं का लाभ उठाया है, जबकि करीब 20 हजार महिलाएं हर महीने आम आदमी क्लीनिकों से नियमित रूप से गर्भावस्था संबंधी जांच करवा रही हैं.

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क्या है सरकार का उद्देश्य

राज्य सरकार ने माताओं और नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पहले प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं समय पर प्रसव पूर्व जांच नहीं करवा पाती थीं और इससे मातृ मृत्यु दर पर भी असर पड़ता था. इसी चुनौती को देखते हुए आम आदमी क्लीनिकों के नेटवर्क के जरिए गर्भावस्था देखभाल को सुलभ और व्यवस्थित बनाया गया है.

इसलिए विशेष प्रोटोकॉल किया लागू

पंजाब में हर साल करीब 4.3 लाख प्रसव होते हैं. ऐसे में गर्भावस्था के शुरुआती चरण में जांच, नियमित निगरानी और समय पर रेफरल बेहद जरूरी है. पिछले कुछ वर्षों में राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं, जहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. इसी ढांचे का उपयोग करते हुए गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया है.

हो रहीं ये जरूरी जांच

इस व्यवस्था के तहत आम आदमी क्लीनिकों में खून की जांच, शुगर, थायरॉइड, हीमोग्लोबिन, एचआईवी और सिफिलिस स्क्रीनिंग जैसी जरूरी जांच की जा रही हैं. अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ने पर महिलाओं को सरकारी सूची में शामिल निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में मुफ्त जांच की सुविधा दी जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिल रही है.

घर के पास ही मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था 

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हर महीने करीब 5 हजार महिलाओं को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के रूप में चिन्हित कर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में समय पर रेफर किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि इस पहल से महिलाओं को घर के पास ही बेहतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और आने वाले समय में इससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में और सुधार देखने को मिलेगा.

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