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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी के कद्दावर नेता अजित पवार के निधन ने हर किसी को हिला कर रख दिया. खास तौर पर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी. उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है. लेकिन इस बीच एक और बड़ी चिंता है कि आखिर अजित पवार के बाद महाराष्ट्र का अगला डिप्टी सीएम कौन होगा. क्या पवार परिवार से ही किसी को मौका मिलेगा या फिर कैबिनेट में किसी और के नाम पर मुहर लग सकती है. इस बीच आपको बता दें कि एनसीपी की ओर से अजित पवार की पत्नी को डिप्टी सीएम बनाए जाने की मांग उठ रही है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पार्टी चाहती है कि सुनेत्रा पवार को ही उपमुख्यमंत्री बनाया जाए.
क्या 'वाहिनी' सुनेत्रा पवार संभालेंगी विरासत?
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में नेतृत्व को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. वर्तमान में राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार का नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे चल रहा है. मुलाकातों का दौर भी जारी है. सूत्रों की मानें तो पार्टी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की है. इस दौरान उन्होंने सुनेत्रा से सरकार और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया है.
मंत्री नरहरि की डिप्सी सीएम बनाए जाने की मांग
वहीं महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नरहरि जिरवाल ने अजित पवार के निधन के बाद उनकी प्तनी सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता और आम लोग "वाहिनी" (भाभी) को मंत्रिमंडल में शामिल होते देखना चाहते हैं ताकि अजित दादा की विरासत को आगे बढ़ाया जा सके. संभावना है कि वे अपने पति की पारंपरिक सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ सकती हैं.
एनसीपी का भविष्य और प्रफुल्ल पटेल की भूमिका
पार्टी की कमान को लेकर भी नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं. सूत्रों की मानें तो प्रफुल्ल पटेल एनसीपी के नए अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं. इस नए राजनीतिक ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए वे जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे.
एनसीपी (एसपी) के विलय की सुगबुगाहट
अजित पवार के जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे चौंकाने वाली खबर एनसीपी (एसपी) के विलय को लेकर है. चर्चा है कि शरद पवार और अजित पवार के गुट फिर से एक हो सकते हैं, ताकि पार्टी की ताकत को टूटने से बचाया जा सके. महायुति (BJP, शिवसेना शिंदे, और NCP) में शक्ति संतुलन बनाए रखना अब फडणवीस और शिंदे के लिए एक बड़ी चुनौती होगी.
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