सुनेत्रा पवार नहीं तो किसको मिलेगी NCP की कमान? पार्टी के अंदर इस नाम पर चर्चा तेज

एनसीपी (NCP) के अंदर से कमान संभालने को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है. अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने को लेकर सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे है.

एनसीपी (NCP) के अंदर से कमान संभालने को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है. अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने को लेकर सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे है.

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Mohit Saxena
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महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय बड़े बदलाव की बयार बह रही है. अजित पवार की आकस्मिक मृत्यु के बाद पार्टी को संभालने की जिम्मेदारी अब किसके कंधों पर होगी यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है. पार्टी के अंदर से कमान संभालने को लेकर सियासत तेज हो चुकी है. अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने को लेकर दो नामों की चर्चा सबसे अधिक है. पहला नाम राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार का है जो अजित पवार की पत्नी हैं. वहीं दूसरा नाम प्रफुल्ल पटेल का है.

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पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं का मत है कि सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष और विधायका दल का नेता बनाए जाने से न केवल भावनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने में सहायता मिलेगी, बल्कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत सुरक्षित रहेगी. इस मामले में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नरहरि जिरवाल ने अजित पवार के निधन के बाद पत्नी सुनेत्रा को डिप्टी सीएम बनाए जाने की मांग की है. उनका कहना है कि कार्यकर्ता  और आम लोग "वाहिनी" (भाभी) को मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग कर रहे हैं. इस तरह से अजित दादा  की विरासत को आगे बढ़ाया जा सकेगा. ऐसा भी कहा जा रहा है कि वे अपने पति की पारंपरिक सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ सकती हैं. 

प्रफुल्ल पटेल की भूमिका

पार्टी की कमान को लेकर नए समीकरण बनने के भी संकेत हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि अगर सुनेत्रा पवार जिम्मेदारी लेने से पीछे हटती हैं तो प्रफुल्ल पटेल का नाम सबसे होगा. पटेल एनसीपी के नए अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं. इस नए राजनीतिक ढांचे को अंतिम रूप देने को लेकर जल्द ही सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे. डिप्‍टी चीफ मिनिस्‍टर और फाइनेंस डिपार्टमेंट जिम्मेदारी देने को लेकर कई नामों पर चर्चा हो रही है. ये दोनों पोर्टफोलियो अजित पवार के पास थे. 

शरद पवार और अजित पवार दोबारा एकसाथ! 

अजित पवार के जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने की संभावना बनी हुई है. एनसीपी फिर से एक हो सकती है. शरद पवार और अजित पवार के गुट दोबारा से मिल सकते हैं. इस तरह से पार्टी की ताकत को टूटने से बचाया जा सकता है. महायुति (BJP, शिवसेना शिंदे, और NCP) में शक्ति संतुलन बनाए रखने को लेकर अब फडणवीस और शिंदे के लिए बड़ी चुनौती होगी.

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Ajit Pawar NCP
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