मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लगे जाम से हाल बेहाल, 24 घंटे से ज्यादा हो गया समय, 139 बसें रद्द

Mumbai Pune Expressway Jam: गैस टैंकर पलटने से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा. हजारों यात्री फंसे, 139 MSRTC बसें रद्द हुईं और प्रशासन पर सवाल उठे.

Mumbai Pune Expressway Jam: गैस टैंकर पलटने से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा. हजारों यात्री फंसे, 139 MSRTC बसें रद्द हुईं और प्रशासन पर सवाल उठे.

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Yashodhan Sharma
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Mumbai Pune traffic jam

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Mumbai Pune Expressway Jam: मुंबई और पुणे को जोड़ने वाला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मंगलवार शाम से भीषण जाम की चपेट में आ गया. खंडाला घाट के पास एक गैस टैंकर पलटने से हालात इतने खराब हो गए कि हजारों लोगों को पूरी रात गाड़ियों में फंसे रहना पड़ा. करीब 24 घंटे से ज्यादा समय तक एक्सप्रेसवे पर यातायात लगभग ठप रहा और सड़क एक तरह से ‘पार्किंग लॉट’ में बदल गई.

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कब हुआ हादसा

यह हादसा रायगढ़ जिले के अडोशी टनल के पास मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुआ. टैंकर में प्रोपलीन गैस भरी थी, जो बेहद ज्वलनशील होती है. ढलान पर टैंकर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया. हादसे के बाद गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे बड़ा खतरा पैदा हो गया. सुरक्षा को देखते हुए हाईवे पुलिस ने दोनों तरफ से ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया.

घंटों भूखे-प्यासे गाड़ियों में फंसे लोग

जाम में फंसे यात्रियों के लिए यह समय किसी बुरे सपने से कम नहीं था. लोग घंटों तक भूखे-प्यासे गाड़ियों में बैठे रहे. कई यात्रियों ने बताया कि पानी और खाने की भारी कमी हो गई थी. मजबूरी का फायदा उठाते हुए कुछ दुकानदारों ने पानी की बोतल तीन गुना दाम पर बेची. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को टॉयलेट की सुविधा न मिलने से भी काफी परेशानी हुई. कई लोग सोशल मीडिया के जरिए मदद की अपील करते नजर आए.

MSRTC बस सेवाओं पर पड़ा असर

इस जाम का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बस सेवाओं पर पड़ा. परिवहन विभाग के मुताबिक 139 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 73 ई-शिवनेरी और 66 नियमित बसें शामिल थीं. इसके अलावा पुणे, सतारा, सोलापुर और सांगली डिपो की 163 बसें जाम में फंसी रहीं. कई यात्रियों का सफर 6-7 घंटे की जगह 10-12 घंटे में पूरा हुआ.

मामले में राजनीति शुरू

इस पूरे मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है. शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक फंसे लोगों के लिए भोजन, पानी और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंचाई गईं. उन्होंने इसे प्रशासन की बड़ी नाकामी बताया.

फिलहाल, हाईवे ट्रैफिक पुलिस और राहत एजेंसियां गैस रिसाव को काबू में करने और टैंकर हटाने में जुटी हैं. प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हालात सामान्य होते ही यातायात धीरे-धीरे बहाल किया जाएगा.

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Mumbai-Pune expressway traffic jam
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