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प्रतीकात्मक तस्वीर Photograph: (ANI)
मुंबई पुलिस ने शहर में बिना कानूनी कागजों के रह रहे लोगों के खिलाफ अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. पिछले तीन सालों के आंकड़े बताते हैं कि पुलिस ने बड़े स्तर पर पहचान अभियान चलाकर अवैध प्रवासियों को ढूंढ निकाला है. मुंबई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि पिछले तीन सालों में कुल 1,758 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया है.
इनमें से1,238 लोगों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके देश वापस भेज दिया गया है (Deportation).
बाकी बचे लोगों को भी वापस भेजने की तैयारी चल रही है.
अकेले साल 2026 की शुरुआत (1 जनवरी से 20 फरवरी) के बीच ही 113 लोग पकड़े जा चुके हैं, जिनमें से 27 को वापस भेजा जा चुका है. पुलिस ने साफ कर दिया है कि शहर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. साल 2024 और 2025 में भी सैकड़ों केस दर्ज किए गए थे, जो अभी कोर्ट में हैं.
आतंकी साजिश और फर्जी दस्तावेजों का खुलासा
अवैध प्रवासियों पर इस कड़ी कार्रवाई के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश का भी पर्दाफाश किया है. देश की सुरक्षा एजेंसियों ने 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आतंकी हमले की प्लानिंग करने का आरोप है. जांच में इन संदिग्धों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और बांग्लादेश से जुड़े होने के संकेत मिले हैं.
पुलिस के मुताबिक, ये लोग अपनी असली पहचान छिपाने के लिए नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. इनमें से 6 संदिग्धों को तमिलनाडु के तिरुपुर इलाके से पकड़ा गया, जहां वे गारमेंट इंडस्ट्री में काम कर रहे थे. पकड़े गए सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली ले जाया जा रहा है, जहाँ उनसे गहराई से पूछताछ की जाएगी ताकि इस पूरे नेटवर्क का सच सामने आ सके.
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