/newsnation/media/media_files/2025/08/30/manoj-jarange-on-maratha-reservation-2025-08-30-17-00-32.jpg)
Manoj Jarange on maratha reservation Photograph: (Social)
Mumbai: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक बार फिर मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाया हुआ है. मनोज जरांगे पाटील के नेतृत्व में हजारों मराठा समाज के लोग मुंबई के आजाद मैदान में जुटे हैं. जरांगे ओबीसी कोटे में मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं. आंदोलन के कारण दक्षिण मुंबई की कई सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिसे हटाने में पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि, इसको लेकर अब अमित शाह और एकनाथ शिंदे के बीच अहम बैठक हो रही है.
चक्का जाम और अव्यवस्थाओं का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने साउथ मुंबई के कई हिस्सों में चक्का जाम कर दिया. उनका आरोप है कि सरकार और प्रशासन ने जानबूझकर उनके लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं की. आंदोलनकारियों का कहना है कि न तो पीने का पानी उपलब्ध कराया गया और न ही टॉयलेट की व्यवस्था. प्रदर्शन के दौरान हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने बीएमसी से पानी का टैंकर बुलवाकर आंदोलनकारियों को पानी उपलब्ध कराया. इसके बाद पी डिमेलो रोड पर जाम हटाया जा सका.
#WATCH | Maratha reservation activists take to the streets around Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus (CSMT) in Mumbai over the reservation issue. Mumbai Police officials and RPF personnel present here. pic.twitter.com/4cGdgyZXa9
— ANI (@ANI) August 30, 2025
सड़क पर स्नान और कपड़े धोना शुरू
आंदोलनकारियों का कहना है कि पुलिस और सरकार ने मिलकर आसपास के होटल और फूड जॉइंट्स बंद करवा दिए हैं, ताकि उन्हें खाने-पीने में दिक्कत हो. टेम्पो में गैस जलाने और सड़क पर खाना बनाने की भी अनुमति नहीं दी गई. मजबूर होकर आंदोलनकारियों ने बीएमसी से मिले पानी का इस्तेमाल नहाने और कपड़े धोने में करना शुरू कर दिया. बीएमसी ने अब तक आंदोलनकारियों को 10 टैंकर पानी उपलब्ध कराया है, जिसे वे पीने, नहाने और कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.
मनोज जरांगे का सातवां अनशन
मनोज जरांगे पाटील लंबे समय से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. यह उनका सातवां अनशन है. विधानसभा चुनावों से पहले भी वे इसी मुद्दे पर अनशन कर चुके हैं. उनका कहना है कि जब तक मराठा समाज को ओबीसी श्रेणी में शामिल कर आरक्षण नहीं दिया जाएगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा.
शिंदे समिति करेगी मुलाकात
मराठा आरक्षण के समाधान के लिए राज्य सरकार ने सितंबर 2023 में न्यायमूर्ति शिंदे समिति का गठन किया था. इस समिति का काम मराठा समाज को कुणबी (ओबीसी) वर्ग में शामिल करने और प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए विधिक ढांचा तैयार करना है. शनिवार को समिति की उपसमिति की बैठक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल के सरकारी निवास पर हुई, जिसमें मंत्री दादा भूसे समेत कई सदस्य शामिल हुए. बैठक के बाद शिंदे समिति आजाद मैदान में जाकर मनोज जरांगे पाटील से मुलाकात करेगी और आगे की रणनीति पर चर्चा करेगी.