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maharashtra news Photograph: (freepik)
Maharashtra News: कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझना कोई आम बात नहीं है. ये किसी भी इंसान के जीवन की एक कठिन परिस्थिति होती है, जो शायद कोई और समझ सके. इससे जुड़ा हुआ एक अजीब मामला महाराष्ट्रके डोंबिवली से सामने आया है. दरअसल, यहां एक पत्नी ने अपने पति और ससुराल वालों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उस पर काला जादू किया है, जिसकी वजह से उसे कैंसर हो गया है.
अब तक की जानकारी में यह पता लगा है कि पति ने दहेज के लिए पत्नी के मायके जाकर तंत्र-मंत्र और काला जादू किया है. इसके बाद निजामपुरा पुलिस स्टेशन में 36 वर्षीय पत्नी की शिकायत पर पति सहित कुल 6 लोगों के खिलाफ अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है.
10 साल पहले हुई थी शादी
पीड़ित महिला की शादी साल 2015 में हुई थी. उसके पति का नाम योगेश कुमार है, जो डोंबिवली इलाके का रहने वाला है. शिकायतकर्ता के अनुसार, शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित किया करते थे. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वाले उसे अपशकुनी कहते थे. वे लोग हर अमावस्या को घर में काला जादू और अलग सी पूजा किया करते थे. इससे उसे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशानी भी होती थी.
कैंसर होने के बाद ससुराल से निकाला
2025 में पीड़ित पत्नी को सितंबर महीने में पता लगा कि उसे कैंसर हो गया है. इसके बाद ससुराल वालों ने चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित महिला को सहानुभूति न दिखाते हुए उससे लड़ना-झगड़ना शुरू कर दिया. इसके बाद 7 दिसंबर को उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया. पीड़ित पत्नी ने खुलासा किया कि 22 जनवरी, 2026 को उसके पति योगेश कुमार ने भिवंडी में उसके मायके के दरवाजे पर कुमकुम, कटा हुआ नींबू और काली गुड़िया लटका दी. ऐसा करने के पीछे पत्नी को जान से मारने की मंशा से किया गया टोटका बताया जा रहा है.
पुलिस ने दर्ज की FIR
बता दें कि निजामपुरा पुलिस ने इस मामले में इंडियन ज्यूडिशियल कोड की विभिन्न धाराओं और महाराष्ट्र नरबलि और अन्य अमानवीय, अनिष्ट एवं अघोरी प्रथा और जादू-टोना प्रतिबंध अधिनियम 3 (2) के तहत मामला दर्ज कर दिया है. वहीं, पुलिस उपायुक्त ने भी बताया है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
लोगों में जागरूकता की कमी है कारण
भिवंडी अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर गोसावी ने इस मामले की निंदा करते हुए कहा कि समाज में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता की कमी है. उन्होंने अपील की कि गंभीर बीमारियों का इलाज डॉक्टरी सलाह से करना चाहिए, न कि ऐसी प्रथाओं से.
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