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सतपुड़ा की वादियों और आदिवासियों की जिंदगी से रुबरु कराएगी 'क्वीन्स ऑन द ट्रेल'

फोरसिथ ट्रेल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मध्य में स्थित ट्रैकिंग रूट है, जिसे 150 वर्ष पूर्व एक अंग्रेज यात्री कैप्टन जेम्स फोरसिथ द्वारा खोजा गया था. इसलिए इस ट्रैक का नाम फोरसिथ ट्रेल है.

IANS | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 09 Mar 2021, 03:33:51 PM
Queens on the Trail will make Satpura plaintiff

आदिवासियों की जिंदगी से रुबरु कराएगी 'क्वीन्स ऑन द ट्रेल' (Photo Credit: IANS)

highlights

  • मध्य प्रदेश का पर्यटन विभाग 'क्वीन्स ऑन द ट्रेल' का आयोजन करने जा रहा है.
  • फोरसिथ ट्रेल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मध्य में स्थित ट्रैकिंग रूट है.
  • 150 वर्ष पूर्व एक अंग्रेज यात्री कैप्टन जेम्स फोरसिथ द्वारा खोजा गया था.

भोपाल:

सतपुड़ा की वादियां लुभाती हैं, अपनी गौरव गाथा कहती हैं तो इन इलाकों में बसी जनजातियों की जिंदगी से कम ही लोग वाकिफ हैं, इन्हें करीब से न केवल देख सकें बल्कि यहां को जान भी सकें इस मकसद से महिलाओं के लिए मध्य प्रदेश का पर्यटन विभाग 'क्वीन्स ऑन द ट्रेल' का आयोजन करने जा रहा है. बताया गया है कि सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखला से महिलाओं को अवगत करने के लिए क्वीन्स ऑन द ट्रेल का यह आयोजन तीन दिन का 13 से 15 मार्च तक का होगा. यह आयोजन मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा जयपुर की संस्था मोस्टेच एस्केपस के सहयोग से विश्व प्रसिद्ध ट्रैकिंग रूट 'फोरसिथ ट्रेल' में किया जा रहा हैं. इस ट्रैकिंग एवं कैम्पिंग में देश और प्रदेश की 15 महिलाएं हिस्सा लेंगी और इनका नेतृत्व म.प्र. पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक सोनिया मीणा द्वारा किया जाएगा. यह आयोजन चार दिवस तीन रात्रि का होगा, जिसमें कुल 30 कि.मी. की ट्रैकिंग की जाएगी.

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फोरसिथ ट्रेल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मध्य में स्थित ट्रैकिंग रूट है, जिसे 150 वर्ष पूर्व एक अंग्रेज यात्री कैप्टन जेम्स फोरसिथ द्वारा खोजा गया था. इसलिए इस ट्रैक का नाम फोरसिथ ट्रेल है. इस ट्रैक में प्रदेश की भारिया जनजाति के रहन-सहन, संस्कृति, खान-पान का अवलोकन किया जा सकता है. ट्रैक के रूट में कई जंगली जीव जैसे-गौर, चीतल, नीलगाय, सांभर, जंगली उल्लू, जंगली बिल्ली और भालू पाये जाते हैं.

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महिलाओं द्वारा ट्रैकिंग के दौरान यहां के वन्यजीव, सतपुड़ा के जंगल, लाल और बैगनी रंग के रंगीन पत्थर, झरने, पनार पानी पचमढ़ी स्थित कैंप साइट का अनुभव किया जावेगा. ट्रेल जिप्सी कैंप पचमढ़ी से प्रारंभ होकर डेहलिया , पचमढ़ी नाका, कांजीघाट नदी किनारा, देनवा नदी होते हुए पनार पानी पचमढ़ी में समाप्त होगा.

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म.प्र. पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव और टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने बताया है कि क्वीन्स ऑन द ट्रेल आयोजन के माध्यम से सभी 15 महिलाएं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में ट्रैवल के अंतर्गत ट्रैकिंग और कैम्पिंग के माध्यम से न केवल साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी, साथ ही अन्य महिलाओं व सोलो ट्रैवलर को भी ट्रैकिंग के लिए प्रेरित करेंगी. इस आयोजन के माध्यम से विश्व स्तर के साहसिक पर्यटन प्रेमी (एडवेंचर लवर्स) पर्यटकों को मध्यप्रदेश के जंगल में एडवेंचर एवं ट्रैकिंग का अनुभव लेने का अवसर प्राप्त होगा.

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबन्ध संचालक सोनिया मीणा ने बताया है कि, "15 महिला ट्रैकर्स सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में ट्रैकिंग और कैंपिंग करके ट्रैक के ज्ञात स्थानों और अज्ञात ट्रैक भी खोजने के साथ ही प्रकृति की सुंदरता का भी अनुभव करेंगी."

मीणा ने कहा कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड प्रत्येक ट्रैवलर विशेषकर महिलाओं और सोलो ट्रैवलर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है, जिससे प्रत्येक ट्रैवलर अपनी इस साहसिक पर्यटन यात्रा को यादगार बना सके. यहां दोबारा आने के लिए प्रेरित हो और अन्य ट्रेवलर्स को भी प्रोत्साहित कर सकें.

First Published : 09 Mar 2021, 03:30:54 PM

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