हवा में उगेगा आलू, मिट्टी और पानी का भी नहीं करना इस्तेमाल; वैज्ञानिकों ने ईजाद की नई तकनीक

Aeroponics Potato: ग्वालियर में ये क्रांतिकारी तकनीक एरोपोनिक्स ईजाद की गई है.वैज्ञानिकों ने यहां हवा में आलू उगाए हैं, वह भी एक बंद कमरे में, आईए आपको इस नई तकनीक के बारे में विस्तार में बताते हैं.

Aeroponics Potato: ग्वालियर में ये क्रांतिकारी तकनीक एरोपोनिक्स ईजाद की गई है.वैज्ञानिकों ने यहां हवा में आलू उगाए हैं, वह भी एक बंद कमरे में, आईए आपको इस नई तकनीक के बारे में विस्तार में बताते हैं.

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Amit Kasana
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एरोपोनिक्स तकनीक से उगाए आलू

Aeroponics Potato: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (RVSKVV) ने आलू की खेती में एक नई क्रांति ला दी है.दरअसल, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एरोपोनिक्स (aeroponics) तकनीक विकसित की है, जिसके तहत आलू की फसल को पूरी तरह हवा में उगाया जा रहा है.

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बिना मिट्टी के और बस न्यूनतम पानी का किया गया इस्तेमाल...

जानकारी के अनुसार इस विधि में पौधों की जड़ों को हवा में लटकाकर पोषक तत्वों से युक्त महीन धुंध (मिस्ट) का छिड़काव किया जाता है.इससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं और इनमें कोई कीड़ा भी नहीं लगता.ये आलू उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं.वैज्ञानकों के अनुसार इस तकनीक से मिनी-ट्यूबर (छोटे आलू) प्राप्त होते हैं.ये मिनी-ट्यूबर बाद में पॉलीहाउस या खेत में रोपित किए जा सकते हैं, जिससे किसानों को वायरस-फ्री बीज मिलता है और उत्पादन में काफी वृद्धि होगी.

ये तकनीक उस क्षेत्र के लिए फायदेमंद, जहां मिट्टी की गुणवत्ता खराब है या पानी कम 

बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी केंद्र में यह तकनीक पहले से लागू है और अब इसे अन्य स्थानों जैसे इंदौर और सीहोर में भी विस्तार दिया जा रहा है.विशेषज्ञों का कहना है कि एरोपोनिक्स से आलू की पैदावार पारंपरिक तरीके से 8-10 गुना तक अधिक हो सकती है साथ ही पानी की बचत भी होती है.यह तकनीक खासकर उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी है जहां मिट्टी की गुणवत्ता खराब है या पानी की कमी रहती है.यह नवाचार न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश में टिकाऊ कृषि और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.विश्वविद्यालय के शोधकर्ता अब किसानों को प्रशिक्षण देकर इस तकनीक को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने की योजना बना रहे हैं।

एरोपोनिक्स से आलू उगाने के फायदे और नुकसान

एरोपोनिक्स (Aeroponics) एक आधुनिक मिट्टी-रहित खेती की तकनीक है जिसमें आलू के पौधों की जड़ें हवा में लटकी रहती हैं और पोषक तत्वों वाली महीन धुंध (मिस्ट) के जरिए पानी और खाद मिलती है.यह विधि खासकर  बीज आलू (मिनी-ट्यूबर) उत्पादन के लिए बहुत प्रभावी है.इस तरह से खेती से फायदे की बात करें तो इससे पारंपरिक खेती की तुलना में प्रति पौधा 8-10 गुना तक ज्यादा मिनी-ट्यूबर मिल सकते हैं.इससे पारंपरिक खेती से 90-95% तक कम पानी लगता है क्योंकि पानी रिसाइकिल होता है और बर्बाद नहीं होता.मिट्टी न होने से मिट्टी जनित रोग और कीट लगभग खत्म हो जाते हैं.वहीं, नुकसान की बात करें तो ऐसे खेती में लागत अधिक आती है.पंप और मिस्टिंग सिस्टम चलाने के लिए लगातार बिजली खर्च होती है.

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