MP Budget 2026: मोहन सरकार ने पेश किया अब तक का सबसे बड़ा बजट, युवाओं-किसानों समेत हर वर्ग को दी सौगात

MP Budget 2026: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने बुधवार को राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया. राज्य सरकार ने इस बार 4.38 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किया.

MP Budget 2026: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने बुधवार को राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया. राज्य सरकार ने इस बार 4.38 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किया.

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Suhel Khan
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MP Finance Minister present budget

मध्य प्रदेश सरकार ने पेश किया अब तक का सबसे बड़ा बजट Photograph: (X@DrMohanYadav51)

MP Budget 2026: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार (18 फरवरी) को डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट पेश किया. जो राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है. वित्त मंत्री देवड़ा ने बजट पेश करते हुए सदन में 'हर हाथ को काम' का संकल्प भी दोहराया. मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार बजट में महिलाओं के लिए 1.27 लाख करोड़ के कुल नारी कल्याण प्रावधान, युवाओं के लिए इंडस्ट्रियल-आईटी पार्क और किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप जैसी बड़ी योजनाएं की घोषणा की है.

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बता दें कि राज्य सरकार ने करीब 4.94 लाख करोड़ के कर्ज के बीच बजट पेश किया. बावजूद इसके सरकार ने आम आदमी को मिली टैक्स राहत बरकरार रखी है. मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट पेश किया. जो राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है.

मोहन यादव सरकार की बजट में बड़ी घोषणाएं

मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इस बजट में राज्य की जनता को बड़ी राहत दी. इस वित्तीय वर्ष किसी भी नए कर का प्रस्ताव नहीं है. जनजातीय विकास के लिए 11,277 गांवों के लिए 793 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि, 'उद्यम क्रांति योजना' के माध्यम से अब तक 16,451 युवाओं को लोन दिया जा चुका है. प्रदेश में औद्योगिक और आईटी पार्क विकसित करने के लिए 19,300 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है. पिछले 2 वर्षों राज्य को 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित होंगे.

बच्चों के पोषण के लिए 'टेट्रा पैक दूध' की शुरुआत

वित्त मंत्री ने कुपोषण पर प्रहार करते हुए 8वीं क्लास तक के छात्रों को सरकारी स्कूलों में टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराने का एलान किया. इससे न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि दूध के सुरक्षित भंडारण में भी आसानी होगी.

लाड़ली बहनों को मिला 23,882 करोड़

इसके साथ ही राज्य सरकार ने नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा एलान किया. इस बार बजट में मोहन सरकार ने लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का आवंटन किया. बात दें कि फिलहाल इस योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाएं पंजीकृत हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि 'हर नारी को न्याय हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य है. ये आवंटन महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को सुनिश्चित करेगा.

श्रमिकों के कल्याण के लिए 1335 करोड़ का एलान

इसके अलावा असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भी मोहन सरकार ने बजट में बड़ा एलान किया. इस बार राज्य सरकार ने श्रमिकों के कल्याण के लिए 1,335 करोड़ का प्रस्ताव रखा है. यह राशि श्रमिकों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और विभिन्न सहायता योजनाओं पर खर्च  होगी.

जनजातीय विकास के लिए 793 करोड़ रुपये

वहीं राज्य में जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष बजट का इंतजाम किया गया है. राज्य सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ का प्रावधान किया है. जिसका सीधा लाभ पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को होगा.

ग्रामीण सड़कों के लिए 21,630 करोड़ की मंजूरी

वहीं ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मोहन यादव सरकार ने 'मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना' के तहत 21,630 करोड़ का प्रावधान किया है. इससे प्रदेश के दूर-दराज के इलाके मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सकेगा.

मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए 412 करोड़ का बजट

इसके साथ ही मोहन यादव सरकार ने नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में 412 करोड़ का बजट दिया है. इससे मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा.

सिंहस्थ 2028 के लिए मिला 'विशेष फंड'

मोहन यादव सरकार ने उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए पिछले बजट में अलग से राशि नहीं दी थी. इसलिए इस बार सरकार ने सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान किए हैं. वित्त मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि आयोजन से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में ही पूरे किए जाएंगे.

किसान सम्मान निधि और कल्याण योजना

वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को भी दोहराया. वित्त मंत्री ने बताया कि वर्तमान में किसान परिवारों को 'किसान सम्मान निधि' और 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के संयोजन से हर साल 12 हजार रुपये की नकद सहायता दी जाती है. जिससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज की खरीद में सीधी लाभ मिलता है.

अन्नदाताओं के लिए मोहन सरकार की बड़ी सौगात

मोहन यादव सरकार ने किसानों के लिए भी बजट में सौगात दी. बजट में किसानों की सिंचाई की समस्या को दूर करने और खेती की लागत कम करने के लिए 3,000 करोड़ की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का एलान किया. सरकार के इस कदम से बिजली की बचत के साथ किसानों को दिन में भी सुचारू सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी.

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