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Lok Sabha Election 2024: हो गया तय कहां से चुनाव लड़ेंगे शिवराज सिंह चौहान! कट सकते हैं 4 सांसदों का टिकट

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश में बड़ा फेरबदल कर सकती है बीजेपी, जानें शिवराज सिंह चौहान कहां से चुनाव लड़ सकते हैं.

Updated on: 29 Feb 2024, 06:16 PM

New Delhi:

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 की अधिसूचना मार्च महीने के शुरुआत हफ्तों में कभी भी हो सकती है. यही वजह है कि इसको लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियों भी अंतिम पड़ाव पर हैं. गठबंधनों में जहां सीट शेयरिंग को लेकर गहन मंथन चल रहे हैं तो वहीं उम्मीदवारों के टिकट और नामों को लेकर भी तैयारियां पूरे जोर पर हैं. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश से बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारियां की जा रही हैं. 

यही नहीं शिवराज सिंह चौहान कहां से अपना लोकसभा चुनाव लड़ेंगे इसको लेकर भी जगह लगभग तय हो गई है. इसके साथ ही यह भी बात सामने आ रही है कि इस चुनाव में चार सांसदों के टिकट भी कट सकते हैं. यानी बीजेपी मध्य प्रदेश में बड़ा बदलाव करने के मूड में दिख रही हैं.

बता दें कि हाल में हुए मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी. हालांकि इसके बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने शिवराज सिंह चौहान की जगह मोहन यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित किया था. इसके बाद से ही शिवराज सिंह चौहान को लेकर यह अटकलें लगाई जा रहीं थी कि अब वह राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री करेंगे. 

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कहां लोकसभा चुनाव लड़ेंगे शिवराज सिंह चौहान
लोकसभा चुनाव से पहले ही अब शिवराज सिंह चौहान के चुनाव लड़ने की बातें भी सामने आने लगी हैं. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम अपने ही गढ़ यानी विदिशा से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं. बता दें कि यहां पर शिवराज सिंह चौहान का जबरदस्त आधार रहा है. हालांकि इस सीट से बीजेपी की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज लोकसभा चुनाव लड़ती और जीतती रहीं. 

केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में अंतिम फैसला
शिवराज सिंह चौहान के चुनाव लड़ने और उनके संसदीय क्षेत्र के साथ-साथ कुछ और अहम फैसलों पर केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में अंतिम मुहर लगेगी. यह बैठक गुरुवार यानी 29 फरवरी को शाम तक चलेगी. माना जा रहा है कि इस बैठक के खत्म होने के बाद शिवराज सिंह चौहान को लेकर भी बड़ा ऐलान किया जा सकता है. 

इसके अलावा चार सांसदों के टिकट भी काटे जा सकते हैं. इनमें राजधानी भोपाल से साध्वी प्रज्ञा प्रमुख रूप से शामिल हैं. इसके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के खजुराहो की सीट से चुनाव लड़े जाने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं. यही नहीं दिल्ली में कुछ नए चेहरों के लेकर भी मुहर लग सकती है. यानी इस बार के चुनाव में बीजेपी के नए और अहम दांव देखने को मिल सकते हैं. 

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क्या है विदिशा लोकसभा सीट का इतिहास
विदिशा लोकसभा सीट पर आजादी के बाद कुल 16 लोकसभा चुनावों में से 11 बार भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है. यहां पर दो बार उपचुनाव भी हुए हैं. कांग्रेस की पकड़ शुरू से ही विदिशा सीट पर कमजोर रही है. मौजूदा समय में यहां से बीजेपी के नेता रमाकांत भार्गव सांसद हैं. जबकि उनसे पहले दो बार लगातार सुषमा स्वराज से इस सीट पर जीत दर्ज की थी.

बता दें कि विदिशा लोकसभा सीट को आजादी के 20 वर्ष बाद यानी 1967 में गठित किया गया था. यहां पर पहला चुनाव भारतीय जनसंघ के शिव वर्मा ने जीता था. वहीं 1971 में यहां से रामनाथ गोयनका ने चुनाव जीता और सदन के निचले सदन पहुंचे थे.

हालांकि 1980 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रतापभानु कृष्णगोपाल ने भी यहां से चुनाव जीता. लेकिन 1989 में एक बार फिर बीजेपी ने वापसी की और लगातार अपनी सांसद यहां से बरकरार रखी. शिवराज सिंह चौहान ने यहां से 1998, 1999 और 2004 में लगातार तीन बार जीत दर्ज की.