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इस तारीख से शुरू हो रहा ग्वालियर का व्यापार मेला, CM शिवराज ने किया ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि ग्वालियर में 105 वर्षो से संचालित हो रहा ऐतिहासिक एवं प्राचीन मेला 15 फरवरी से प्रारंभ होगा. मेले में खरीदे गए वाहनों के पंजीयन पर छूट मिलेगी.

IANS | Updated on: 08 Feb 2021, 02:33:46 PM
CM Shivraj Singh Chauhan

CM Shivraj Singh Chauhan (Photo Credit: फाइल फोटो)

ग्वालियर:

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि ग्वालियर में 105 वर्षो से संचालित हो रहा ऐतिहासिक एवं प्राचीन मेला 15 फरवरी से प्रारंभ होगा. मेले में खरीदे गए वाहनों के पंजीयन पर छूट मिलेगी. ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण द्वारा आयोजित मेला प्रांगण के कला रंगमंच में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "ग्वालियर का व्यापार मेला सन 1905 से अद्भुत पहचान लिए हुए है. इस मेले की शुरूआत माधवराव सिंधिया प्रथम ने की थी. मेले की पहचान को आगे भी बनाये रखने के लिये सभी के सहयोग से विचार-विमर्श कर आयोजन को भव्यता प्रदान की जायेगी."

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, "आत्म-निर्भर भारत, आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के साथ आत्म-निर्भर ग्वालियर के रोडमैप पर कार्य किया जाएगा. ग्वालियर में उद्योग एवं व्यापार को लगातार बढ़ाने के लिये मेला प्रांगण का उपयोग किया जा सके, इसकी योजना बनाने के लिये जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं."

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मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोरोना से निजात के लिये उठाये कदम और लोगों द्वारा सावधनियां बरतने के फलस्वरूप कोरोना नियंत्रण में है. वैक्सीन के मामले में भारत ने दुनिया में नये रिकॉर्ड स्थापित किए हैं.

इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा, "ग्वालियर मेले के आयोजन से जहां लोगों का धंधा, व्यवसाय बढ़ता है, वहीं जरूरतमंदों को वर्ष भर के लिये रोजगार भी प्राप्त होता है. वहीं ग्वालियर व्यापार मेले के पास पर्याप्त अधोसंरचना होने से मेले का विस्तार कर वर्ष के आठ माहों तक मेले का आयोजन किया जा सकता है."

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, "यह ग्वालियर के लिये नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिये ऐतिहासिक क्षण है कि 100 वर्षो से अधिक समय से लग रहे इस ऐतिहासिक एवं प्राचीन मेले की शुरूआत सिंधिया परिवार के पूर्वजों द्वारा की गई थी."

उन्होंने कहा कि यह मेला एक पशु मेले के रूप में शुरू किया गया था, जिसका धीरे-धीरे विस्तार कर पूज्य पिताजी स्व. माधवराव सिंधिया ने व्यापार मेले के रूप में पहचान दिलाई. मेले की पूरे देश में एक अपनी छवि एवं पहचान रही है.

मुख्यमंत्री द्वारा वाहन के पंजीयन में छूट दिए जाने के एलान का जिक्र करते हुए सिंधिया ने कहा, "मेले में वाहन पंजीयन से पहले जहां 100 करोड़ का व्यापार होता था, वहीं अब वाहनों के पंजीयन में छूट से 800 करोड़ का व्यापार होगा, जिससे राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगा.

First Published : 08 Feb 2021, 02:33:46 PM

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