Jharkhand: कौन हैं आदित्य साहू? झारखंड BJP अध्यक्ष की रेस में माने जा रहे हैं सबसे आगे

Jharkhand: झारखंड बीजेपी को जल्द नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है. संगठन चुनाव के बीच कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं उनके बारे में.

Jharkhand: झारखंड बीजेपी को जल्द नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है. संगठन चुनाव के बीच कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं उनके बारे में.

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Deepak Kumar
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Jharkhand:झारखंड भारतीय जनता पार्टी को जल्द ही नया पूर्णकालिक प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है. संगठन पर्व के तहत प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. माना जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले झारखंड बीजेपी का अध्यक्ष तय कर लिया जाएगा. इस प्रक्रिया के लिए केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो जल्द ही रांची पहुंचकर चुनाव प्रक्रिया पूरी कराएंगे. संभावना है कि मकर संक्रांति के तुरंत बाद झारखंड बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा.

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दरअसल, झारखंड में लंबे समय से पार्टी पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं बना पाई है. मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है. पार्टी के “एक व्यक्ति, एक पद” के सिद्धांत के तहत नए अध्यक्ष की जरूरत थी, लेकिन अब तक यह फैसला टलता रहा. पहले रविंद्र कुमार राय को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और फिर अक्टूबर 2025 में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई. देश के कई राज्यों में बीजेपी संगठन चुनाव लंबे समय से अटके रहे हैं. उत्तर प्रदेश और गुजरात में नए प्रदेश अध्यक्ष बन चुके हैं, जबकि झारखंड, कर्नाटक, हरियाणा, दिल्ली और त्रिपुरा में अब भी नियुक्ति बाकी है. झारखंड में आदित्य साहू को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने यह संदेश दिया कि संगठन में सामान्य कार्यकर्ता भी शीर्ष जिम्मेदारी संभाल सकता है.

कौन हैं आदित्य साहू?

आदित्य साहू पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने जिला स्तर से राजनीति की शुरुआत की और धीरे-धीरे प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई. वे झारखंड बीजेपी में उपाध्यक्ष, महामंत्री जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं. 61 वर्षीय आदित्य साहू पेशे से शिक्षक रहे हैं और 2019 तक राम टहल चौधरी कॉलेज में व्याख्याता के रूप में कार्यरत थे. जुलाई 2022 में उन्हें झारखंड से राज्यसभा सांसद चुना गया. सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी आदित्य साहू को मजबूत दावेदार माना जा रहा है. वे वैश्य समुदाय से आते हैं, जहां बीजेपी की अच्छी पकड़ रही है. हालांकि, पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष पद आदिवासी या ओबीसी समुदाय के किसी नेता को दिया जा सकता है.

अन्य नाम भी चर्चा में

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा और प्रदीप वर्मा के नाम भी चर्चा में हैं. रघुवर दास और आदित्य साहू ओबीसी वर्ग से आते हैं, जबकि अर्जुन मुंडा आदिवासी नेता हैं. चुनाव अधिकारी के रूप में जुएल ओराम की नियुक्ति को भी आदिवासी बहुल झारखंड में एक अहम राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.

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