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सांकेतिक तस्वीर
Jharkhand News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर झारखंड सरकार ने राज्य की सहिया दीदियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया. ‘स्वास्थ्य प्रहरी’ योजना के तहत राज्य की लगभग 40 हजार सहिया को 22-22 हजार रुपये की पारिश्रमिक राशि दी गई. यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के 11 महीनों की मेहनताना के रूप में एकमुश्त उनके बैंक खातों में भेजी गई है.
स्वास्थ्य मंत्री और पत्नी इरफाना इरफान हुए शामिल
इस अवसर पर रांची के नामकोम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान के सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पत्नी इरफाना इरफान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं. उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कुछ सहिया को डमी चेक देकर इस योजना की शुरुआत की.
कई प्रमुख लोगों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई प्रमुख लोगों की उपस्थिति रही. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की पत्नी डॉ. अनिता सिन्हा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की पत्नी मीनाक्षी झा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं. इसके अलावा प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ. भारती कश्यप भी अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद थीं.
48 सहिया और कई महिला स्वास्थ्य कर्मियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कई महिला स्वास्थ्य कर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया.
अतिथियों ने कुल 48 सहिया, 24 सहिया साथी, पांच महिला चिकित्सकों और 72 सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) व महिला स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया.
इसलिए किया सम्मानित
इन महिलाओं को उनके बेहतर काम, समाज में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और ग्रामीण इलाकों में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए यह सम्मान दिया गया. इस कार्यक्रम में दो ऐसी सहिया को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया जो हाल ही में मुखिया के पद पर निर्वाचित हुई हैं. यह सम्मान इस बात का प्रतीक था कि सहिया दीदियां न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में बल्कि सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व में भी आगे बढ़ रही हैं.
महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि इरफाना इरफान ने कहा कि झारखंड सरकार हमेशा महिलाओं के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की “मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना” इसका बड़ा उदाहरण है, जिसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है.
इरफाना इरफान यह भी कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन हम सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. उनके नेतृत्व और प्रयासों से महिलाओं को आगे बढ़ने की नई ऊर्जा मिलती है.
समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी महिलाओं के योगदान की सराहना की. डॉ. अनिता सिन्हा ने कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं को शक्ति का स्वरूप माना जाता है. उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए. वहीं मीनाक्षी झा ने कहा कि जब एक महिला आगे बढ़ती है तो उसके साथ पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है. इसलिए महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और नेतृत्व के क्षेत्र में अधिक अवसर दिए जाने चाहिए.
महिलाओं को अपने काम पर गर्व होना चाहिए- जीवीआई उपाधीक्षक
जीवीआई की उपाधीक्षक डॉ. जेशिना ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं से कहा कि उन्हें अपने काम और अपनी पहचान पर गर्व होना चाहिए. कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक ने भी कहा कि भारतीय परंपरा में कहा गया है कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है.
कार्यक्रम के माध्यम से दिया सरकार ने ये संदेश
इस मौके पर राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. पुष्पा, अकय मिंज, अनिमा किस्कु, रफत फरजाना, गुंजन खलखो समेत कई अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे. इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने वाली महिलाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है और उनके काम को सम्मान और प्रोत्साहन देना जरूरी है.
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