Jharkhand News: मार्च से झारखंड में बदलेगी राज्य कर्मियों और पेंशनरों की स्वास्थ्य बीमा योजना, इलाज होगा और आसान

Jharkhand News: मार्च से राज्य कर्मियों, पेंशनरों और अधिवक्ताओं की स्वास्थ्य बीमा योजना नए रूप में लागू होगी. आयुष इलाज, गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार और बढ़ी हुई सुविधाओं से लाखों लाभुकों को सीधा फायदा मिलेगा.

Jharkhand News: मार्च से राज्य कर्मियों, पेंशनरों और अधिवक्ताओं की स्वास्थ्य बीमा योजना नए रूप में लागू होगी. आयुष इलाज, गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार और बढ़ी हुई सुविधाओं से लाखों लाभुकों को सीधा फायदा मिलेगा.

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Deepak Kumar
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Photograph: (hemant soren official (X))

Jharkhand News: झारखंड में राज्य कर्मियों, पेंशनरों, उनके आश्रितों और अधिवक्ताओं के लिए लागू स्वास्थ्य बीमा योजना मार्च महीने से नए और बदले हुए स्वरूप में लागू की जाएगी. हेमंत सोरेन की सरकार ने इस योजना को पहले से ज्यादा सरल, मजबूत और लाभकारी बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं. नई बीमा कंपनी के चयन के बाद यह पूरी व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलहाल इस योजना का संचालन टाटा एआईजी बीमा कंपनी कर रही है.

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नई बीमा कंपनी के साथ लागू होगी नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत अब बीमित लाभुक आयुष पद्धति में भी इलाज करा सकेंगे. इसमें आयुर्वेद, योग एवं नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी शामिल हैं. आयुष पद्धति में ओपीडी और आईपीडी दोनों तरह के इलाज को मान्यता दी गई है. इन सभी उपचारों का खर्च सीजीएचएस दर के अनुसार बीमा कंपनी वहन करेगी. इंश्योरर की तय सीमा तक भुगतान बीमा कंपनी करेगी, जबकि उससे अधिक खर्च झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी के कार्पस फंड से दिया जाएगा.

गंभीर मरीजों को बड़ी राहत

नई योजना में गंभीर और घायल मरीजों को बड़ी राहत दी गई है. ऐसे मरीजों का इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना प्री-ऑथराइजेशन के इंतजार किए तुरंत शुरू किया जाएगा. बीमा कंपनी को इलाज शुरू होने के पांच घंटे के भीतर औपचारिक स्वीकृति देनी होगी, ताकि किसी भी हाल में इलाज में देरी न हो.

बीमा योजना के तहत सामान्य बीमारियों के इलाज पर पांच लाख रुपये और गंभीर बीमारियों में 10 लाख रुपये तक का खर्च बीमा कंपनी उठाएगी. यदि इलाज का खर्च इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि कार्पस फंड से दी जाएगी. 20 लाख रुपये से ज्यादा खर्च की स्वीकृति एक निर्धारित समिति द्वारा दी जाएगी. इसके अलावा, मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने से पहले 15 दिन और डिस्चार्ज के बाद 30 दिन तक फॉलो-अप, जांच, दवाइयों और कंसल्टेंसी फीस का खर्च भी बीमा कंपनी द्वारा दिया जाएगा.

लाखों लाभुकों को मिलेगा फायदा

स्वास्थ्य विभाग के अनुमान के अनुसार, इस योजना से करीब 6.31 लाख लाभुकों को फायदा मिलेगा, जिनमें राज्य कर्मी, पेंशनर, अधिवक्ता और उनके आश्रित शामिल हैं. यह नई व्यवस्था राज्य के लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.

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