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झारखंड स्कीम Photograph: (Grok AI)
मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति ग्राम विकास योजना को झारखंड के उन गांवों में लागू किया जा रहा है, जहां कम से कम 80 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंधित है. योजना का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय का सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य स्तर पर समग्र विकास सुनिश्चित करना है. इसके माध्यम से पारंपरिक ग्राम व्यवस्था को मजबूत करते हुए आधुनिक विकास से जोड़ा जा रहा है.
प्रमुख लाभ और सहायता
इस योजना के तहत चयनित गांवों की महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹1,00,000 की वित्तीय सहायता अनुदान के रूप में दी जाती है. इसका उद्देश्य महिलाओं को आजीविका के साधनों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. वहीं शिक्षित लेकिन बेरोजगार आदिवासी युवाओं को स्वरोजगार या आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए ₹2,00,000 तक की सहायता प्रदान की जाती है.
स्वास्थ्य और आजीविका पर फोकस
योजना के अंतर्गत नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिनमें मलेरिया, सिकल सेल एनीमिया और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधा दी जाती है. इसके साथ ही आदिवासी समुदाय की पारंपरिक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लाख और लघु वनोपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था की जाती है.
प्रशिक्षण और विपणन सुविधा
महिला SHG और बेरोजगार युवाओं को चयनित NGO और पेशेवर संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है. प्रशिक्षण के बाद उत्पादों और सेवाओं के लिए फॉरवर्ड मार्केटिंग लिंकज उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके.
पात्रता शर्तें क्या हैं?
SHG के लिए आवश्यक है कि समूह का चयन ग्राम सभा द्वारा किया गया हो और संबंधित गांव योजना में शामिल हो. वहीं युवाओं के लिए न्यूनतम 10वीं पास होना अनिवार्य है और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती है. सभी आवेदकों का अनुसूचित जनजाति समुदाय से होना आवश्यक है.
आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है. इच्छुक आवेदक जिला कल्याण कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं. आवश्यक दस्तावेजों में जाति प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बैंक विवरण और ग्राम सभा प्रस्ताव शामिल हैं. यह योजना झारखंड के आदिवासी बहुल गांवों में आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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