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Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज (2 फरवरी) पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोटो प्रखंड स्थित ऐतिहासिक सेरेंगसिया शहीद स्मारक पहुंचे. यहां उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी अधिकारों के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने स्मारक पर पुष्पांजलि दी और एक मिनट का मौन रखकर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया.
सीएम सोरेन ने श्रद्धांजलि सभा को किया संबोधित
अपने संबोधन में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सेरेंगसिया की धरती संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान की प्रतीक है. यहां के वीरों ने अपनी पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए जान न्यौछावर की. उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा.
आज राज्य सरकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज हम लोग यहां राज्य सरकार की ओर से सेरेंगसिया के अमर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और आज के ही दिन दुमका में झारखंड मुक्ति मोर्चा का स्थापना दिवस भी है।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 2, 2026
झारखंड के हर एक कोने से हमारे वीर शहीदों… pic.twitter.com/YhvIH8620Q
मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस समुदाय ने झारखंड की संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखने में बड़ी भूमिका निभाई है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार शहीद स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए काम कर रही है, ताकि इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके.
विकास योजनाओं का किया शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. साथ ही विभिन्न विभागों में चयनित 1,479 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे. उन्होंने कहा कि “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं हल की जा रही हैं.
मैं कल असम गया था। असम एक ऐसा राज्य है जहां झारखण्ड, उड़ीसा से अंग्रेज बन्दूक के बल पर असम के चाय बागान में यहाँ के आदिवासियों को लेकर गए। आज वे लोग अपनी पहचान, अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। वहां रहने वाले आदिवासियों को आदिवासियों का अधिकार और दर्जा नहीं है।।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 2, 2026
अपने भारत देश के… pic.twitter.com/HZfiPZoqvW
उन्होंने बिजली, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं का भी जिक्र किया. मंईयां सम्मान योजना के तहत हजारों महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है. मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की अपील की, ताकि वे भविष्य में बड़े पदों पर पहुंच सकें. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए.
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