Jharkhand News: अब गांव वालों के पास होगा व‍िकास से जुड़े फैसलों को करने का अध‍िकार

पंचायती राज व‍िभाग ने शुक्रवार को पेसा नियमावली 2025 की अध‍िसूचना जारी कर दी. अब पेसा नियमावली 2025 राज्‍य के अनुसूच‍ित क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है.

पंचायती राज व‍िभाग ने शुक्रवार को पेसा नियमावली 2025 की अध‍िसूचना जारी कर दी. अब पेसा नियमावली 2025 राज्‍य के अनुसूच‍ित क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है.

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Shyam Sundar Goyal
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Photograph: (hemant soren official (X))

Jharkhand News: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने शुक्रवार 2 जनवरी को पेसा नियमावली 2025 को अध‍िसूच‍ित कर द‍िया है. अब राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को जल, जंगल और जमीन पर निर्णायक अधिकार मिल गए हैं. अब इन जगहों पर शासन की सर्वोच्‍च ईकाई ग्राम सभाएं होंगी. 

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23 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में पेसा नियमावली पर सहमति बन गई थी लेक‍िन इसके कुछ ब‍िंदुओं पर कुछ मंत्रियों को आपत्‍त‍ि थी. इन आपत्‍त‍ियों पर संज्ञान ल‍िया गया और फ‍िर से व‍िचार क‍िया. जो आपत्‍त‍ियां सरकार को जायज लगीं, उनमें बदलाव कर द‍िया गया. सीएम की सहमत‍ि म‍िलने के बाद इसे पंचायती राज व‍िभाग में भेज द‍िया गया. पंचायती राज व‍िभाग ने शुक्रवार को इसकी अध‍िसूचना जारी कर दी. अब पेसा नियमावली 2025 राज्‍य के अनुसूच‍ित क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है. 

अनुसूचित क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए कई प्रावधान

अधिसूचना के अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए सरकार ने इसमें कई प्रावधान किए हैं. 20 पेज के इस अधिसूचना में 17 अध्यायों में विस्तार से पेसा नियमावली के प्रावधानों का वर्णन किया गया है. अधिसूचना के साथ 8 पृष्ठों का विभिन्न आवेदन प्रारुप को भी विभाग ने जारी किया है जिससे ग्राम सभा को काम करने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े. “पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025” की अधिसूचना जारी होते ही यह नियमावली राज्य के सभी पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है.

क‍ितने ज‍िलों पर पड़ेगा प्रभाव

झारखंड राज्‍य में अनुसूचित क्षेत्र वाले ज‍िलों की संख्‍या 13 है ज‍िन पर पूरा प्रभाव होने वाला है. राज्‍य के दो ज‍िले ऐसे भी हैं ज‍िनपर आंश‍िक प्रभाव पड़ेगा. 

महीने में कम से कम एक बार होगी ग्राम सभा की बैठक 

नई नियमावली में ग्राम सभा को शासन की सबसे मजबूत और सर्वोच्च इकाई के रूप में स्थापित किया गया है. अब प्रत्येक पारंपरिक ग्राम सभा की बैठक महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से होगी. 

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