झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, जंगली जानवरों के हमलों पर रोक के लिए वन विभाग सख्त, मुआवजा अब 7 दिनों में मिलेगा

झारखंड राज्य में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को रोकने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने मुआवजा प्रक्रिया करने, क्विक रिस्पांस टीम रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने का फैसला किया.

झारखंड राज्य में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों को रोकने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने मुआवजा प्रक्रिया करने, क्विक रिस्पांस टीम रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने का फैसला किया.

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Deepak Kumar
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Jharkhand CM Hemant Soren

Photograph: (X@HemantSorenJMM)

झारखंड राज्य में जंगली जानवरों, खासकर हाथियों के बढ़ते हमलों और इससे हो रही मौतों को रोकने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने अहम कदम उठाए हैं. इसी संबंध में सोमवार (16 फरवरी) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में वन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और हमलों की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

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बैठक में लिया गया ये निर्णय

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जंगली जानवरों के हमले में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा. पहले मुआवजा मिलने में 12 दिन लगते थे, लेकिन अब इसे घटाकर 7 दिन कर दिया गया है, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके.

वन्य जीवों की निगरानी के लिए निर्देश

प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वन्य जीवों की निगरानी के लिए तकनीकी सेवाओं का बेहतर उपयोग किया जाए और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाया जाए. उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 680 हाथी मौजूद हैं. इनकी सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की जान बचाना भी विभाग की जिम्मेदारी है.

ग्रामीणों की सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हाथियों के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को हर संभव सहायता दी जाए. साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे समय रहते सतर्क हो सकें.

क्विक रिस्पांस टीम 30 मिनट में पहुंचेगी

बैठक में यह भी तय किया गया कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम 30 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचेगी. प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी रवि रंजन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाथियों को शांत करने के प्रयास किए जाएं और उनकी गतिविधियों की जानकारी आसपास के वन क्षेत्रों को भी दी जाए. बैठक में कई वरिष्ठ वन अधिकारी मौजूद रहे.

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Hemant Soren Jharkhand
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