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झारखंड स्कीम Photograph: (AI)
झारखंड सरकार के महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित Savitribai Phule Kishori Samriddhi Yojana का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच को बदलना है. योजना की शुरुआत राज्य में कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, घटते लिंगानुपात और लड़कियों की कमजोर शैक्षणिक स्थिति जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए की गई है. यह योजना पूरे झारखंड में लागू की गई है और इसका लक्ष्य किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में मजबूत बनाना है.
योजना का उद्देश्य क्या है?
योजना के तहत सरकार ने कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इनमें महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देना और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करना शामिल है. इसके साथ ही उच्च कक्षाओं में पढ़ने वाली छात्राओं के शैक्षणिक खर्च में सहायता देकर स्कूल छोड़ने की दर को कम करना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है. योजना किशोरियों के स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी ध्यान देती है. साथ ही उन्हें अपने जीवन से जुड़े फैसले स्वतंत्र रूप से लेने में सक्षम बनाना भी इसकी प्राथमिकता है.
वित्तीय सहायता का प्रावधान
इस योजना के अंतर्गत विभिन्न कक्षाओं में अध्ययनरत छात्राओं को चरणबद्ध आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. कक्षा 8 और 9 में नामांकित छात्राओं को 2,500 रुपये प्रति वर्ष दिए जाते हैं. कक्षा 10, 11 और 12 में अध्ययनरत छात्राओं को 5,000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता मिलती है. इसके अतिरिक्त 18 से 19 वर्ष आयु की पात्र किशोरियों को एकमुश्त 20,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है. यह सहायता उन्हें आगे की पढ़ाई या आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद करती है.
पात्रता की शर्तें क्या है?
योजना का लाभ परिवार की पहली दो बेटियों को ही दिया जाएगा। इसके लिए मां को स्व-घोषणा पत्र आवेदन के साथ संलग्न करना अनिवार्य है. पात्र छात्राएं वे होंगी जो राज्य सरकार द्वारा संचालित या सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत हों। इसमें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के विद्यालय भी शामिल हैं. साथ ही लाभार्थी के माता-पिता केंद्रीय या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रम में स्थायी कर्मचारी या पेंशनभोगी नहीं होने चाहिए। परिवार आयकर दाता नहीं होना चाहिए। अंतिम किश्त के लिए आवेदन के समय लाभार्थी की आयु 18 से 19 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
इस योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से किया जा सकता है. लाभार्थी अपने क्षेत्र के बाल विकास परियोजना कार्यालय या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, अंत्योदय कार्ड, SECC-2011 में नामांकन प्रमाण, विद्यालय नामांकन प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार का फोटो और बैंक खाता विवरण अनिवार्य हैं.
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