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लातेहार पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, 2 हार्डकोर नक्सली को किया गिरफ्तार

एक फिर लातेहार पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. पुलिस के द्वारा लगातार चलाए जा रहे एंटी नक्सल अभियान ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है.

Updated on: 06 Jun 2023, 03:43 PM

highlights

  • लातेहार पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी
  • 2 हार्डकोर नक्सली को किया गिरफ्तार
  • गिरफ्तार नक्सली पर कई मामले दर्ज

Latehar:

एक फिर लातेहार पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. पुलिस के द्वारा लगातार चलाए जा रहे एंटी नक्सल अभियान ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है. पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाकर भाकपा माओवादी संगठन के दो हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार करने में कामयाब हुई है. दरअसल, लातेहार एसपी अंजनी अंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि माओवादी का एक दस्ता गारू थाना क्षेत्र में भ्रमणशील है. वहीं, बूढ़ा पहाड़ पर ऑपरेशन ऑक्टोपस से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए सुरक्षा बलों को लक्षित कर किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने के फिराक में है. दस्ता में माओवादी के सदस्य मारकुश उर्फ सौरव बाबा, छोटू खेरवार उर्फ सुजीत जी, रविन्द्र गंझू, मृत्युजय मुईया, नागेन्द्र उराँव उर्फ डॉक्टर, गोदम कोरवा, सुखलाल बृजिया उर्फ एकेला बृजिया एवं अन्य 20-25 सदस्यों के होने की सूचना मिली थी.

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लातेहार पुलिस की बड़ी कामयाबी

जिसके बाद एसपी के द्वारा गठित टीम ने उक्त इलाके में छापेमारी शुरू की. जहां गारू थाना क्षेत्र के भवरबधा जंगल से दो व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया गया. जिसकी पहचान भाकपा माओवादी संगठन के गुरिल्ला विंग का कमाण्डर नागेन्द्र उरॉव उर्फ बहरा उर्फ डॉक्टर उर्फ चुलबुल उर्फ नागेन्द्र जी के रूप में हुई, जबकि दूसरे की पहचान गोदम कोरवा उर्फ गोदम जी के रूप में हुई है. इन दोनों के विरुद्ध लातेहार जिला और अन्य जिलों में कई काण्ड दर्ज हैं.

2 हार्डकोर नक्सलियों को किया गिरफ्तार

एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि नागेन्दर उराँव करीब 14 वर्षों से प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी पार्टी का सक्रिय सदस्य है. ये लातेहार जिला में भाकपा माओवादी द्वारा अनेको हमला में शामिल रहा है. इसके द्वारा पुलिस कर्मियों की अमानवीय तरीके से हत्या की गयी है. यह गुरिल्ला विंग का कमाण्डर था. नागेन्द्र उराँव भाकपा माओवादी में शामिल होकर कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है. एसपी ने बताया कि जनवरी 2013 में कटिया जंगल में पुलिस की टीम छापामारी और अभियान में निकली थी, जहां माओवादियों के द्वारा एक बड़ा हमला किया था.

नागेंद्र उरांव पर दर्ज कई मामले

जिसमें नागेंद्र उरांव भी शामिल था, पुलिस को लक्षित कर गोली बारी की गई थी. जिसमें 12 जवान और 4 आम नागरिक मारे गये थे और जवान का पेट फाड़कर उसके अन्दर आईईडी लगाई गई थी. जबकि लातेहार एसपी और गढ़वा एसपी के नेतृत्व में जून 2018 में झारखण्ड जगुवार की टीम खपरी महुआ में अभियान में निकली थी, जहां नागेन्द्र उरांव की टीम ने आईईडी ब्लास्ट किया था. जिसमें झारखण्ड जगुवार के 06 जवान शहीद हो गए थे. उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2019 में चंदवा थाना क्षेत्र के लुकईया मोड में पुलिस की पीसीआर वाहन को टारगेट कर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी. जिसमें 1 सहायक अवर निरीक्षक और 3 गृह रक्षक जवान शहीद हो गए थे. इस घटना में नक्सलियों का नेतृत्व करते हुए नागेन्द्र उराँव ओपनर फायर के रूप में शामिल था. इस छापेमारी अभियान में राजीव कुमार भगत, रंजीत कुमार यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे.