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राजनीतिक दल जम्मू कश्मीर के मतदाताओं को रिझाने के समय सच्चाई को ध्यान में रखें: जेके अपनी पार्टी

आतंकवाद से प्रभावित बांदीपोरा जिले में अपनी पहली रैली में पूर्व विधायक और ‘जेके अपनी पार्टी’ के संस्थापक सदस्य उस्मान माजिद ने कहा कि वो मतदाता को रिझाने से पहले सच्चाई को ध्यान रखें.

Bhasha | Updated on: 13 Sep 2020, 08:21:04 PM
usman majid

'राजनीतिक दल J&K के मतदाताओं को रिझाने के समय सच्चाई को देखें' (Photo Credit: फाइल फोटो)

बांदीपोरा:

आतंकवाद से प्रभावित बांदीपोरा जिले में अपनी पहली रैली में पूर्व विधायक और ‘जेके अपनी पार्टी’ के संस्थापक सदस्य उस्मान माजिद ने सभी राजनीतिक दलों से पिछले साल किये गये जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे के निरसन के बाद की बदली हुई परिस्थिति के मद्देनजर सच्चाई को ध्यान में रखकर ही मतदाताओं को रिझाने का प्रयास करने की अपील की. उत्तरी कश्मीर में यहां अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए माजिद ने कहा कि जेके अपनी पार्टी जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने तथा इस केंद्रशासित प्रदेश में और विकास के लिए काम कर रही है.

केंद्र ने पिछले साल जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा निरस्त करते हुए इसे जम्मू कश्मीर और लद्दाख नामक दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिया था. माजिद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘ जरूरत सच्चाई की है और मैं आपसे ऐसा कोई वादा नहीं करूंगा जिसे पूरा नहीं किया जा सके.’

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दो बार विधायक रहे और अपनी पार्टी के उपाध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर घाटी की राजनीति बस झूठ और धोखे की रही है तथा इसे बदलने की जरूरत है. श्रीनगर से करीब 66 किलोमीटर दूर यहां उन्होंने कहा, ‘मैं राजनीतिक दलों से अब सच बोलने और बस वे ही वादे करने की अपील करता हूं जिसे आप पूरा कर सकते हैं.’

आतंकवादी से नेता बने माजिद ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 का विभिन्न क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय राजनीतिक दलों द्वारा भावनात्मक शोषण के लिए इस्तेमाल किया गया जिन्होंने इस प्रावधान के संविधान में स्थायी अध्याय बनाने की परवाह नहीं की और उसे अस्थायी रहने दिया.’

उन्होंने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राजनीति करने के सिवा कुछ नहीं किया. पूर्व मंत्री ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर के लाोगों को कभी नहीं बताया गया कि यह एक अस्थायी प्रावधान है.’

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माजिद ने उपराज्यपाल के प्रशासन से इस केंद्रशासित प्रदेश में विकास को गति देने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदला है. 

First Published : 13 Sep 2020, 08:21:04 PM

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