Jammu and Kashmir: किश्तवाड़ मुठभेड़ में शहीद हुए पैरा कमांडो, आतंकियों को घेरने के लिए बढ़ी घेराबंदी

ammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के खिलाफ चल रहे बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के एक जांबाज पैरा कमांडो ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.

ammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के खिलाफ चल रहे बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के एक जांबाज पैरा कमांडो ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.

author-image
Dheeraj Sharma
New Update
Jammu Kashmir Kishtwar Encounter

Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के खिलाफ चल रहे बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के एक जांबाज पैरा कमांडो ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. विशेष बलों से जुड़े हवलदार गजेंद्र सिंह एक ग्रेनेड हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की.

Advertisment

चतरू इलाके में हुई भीषण मुठभेड़

यह मुठभेड़ रविवार को किश्तवाड़ के चतरू क्षेत्र के सोनार गांव के पास उस समय हुई, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान चला रही थी. इसी दौरान आतंकियों ने अचानक ग्रेनेड फेंककर हमला कर दिया। इस हमले में कुल आठ जवान घायल हुए, जिनमें हवलदार गजेंद्र सिंह की हालत गंभीर थी. सेना ने इस आतंकवाद विरोधी अभियान को 'ऑपरेशन ट्रशी-आई' नाम दिया है.

इलाज के दौरान शहीद हुए हवलदार गजेंद्र सिंह

भारतीय सेना के अनुसार, घायल जवानों को तुरंत नजदीकी सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया. तमाम प्रयासों के बावजूद हवलदार गजेंद्र सिंह को बचाया नहीं जा सका और उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. सेना ने उन्हें एक बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक बताते हुए कहा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा.

इलाके में सर्च ऑपरेशन और कड़ा

घटना के बाद व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने जानकारी दी कि पूरे इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान को और सख्त कर दिया गया है. भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें ड्रोन, स्निफर डॉग्स और आधुनिक तकनीक की मदद से जंगलों में छिपे आतंकियों की तलाश में जुटी हैं.

जंगल से मिला संदिग्ध आतंकी ठिकाना

तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को जंगल में एक संदिग्ध आतंकी ठिकाने का पता चला है. यहां से सर्दियों के लिए रखा गया राशन, बर्तन, गैस सिलेंडर और चूल्हा बरामद किया गया है. इससे संकेत मिलता है कि आतंकी लंबे समय तक इलाके में छिपे रहने की तैयारी में थे.

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों की आशंका

अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में दो से तीन आतंकी अब भी छिपे हो सकते हैं, जिनका संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से बताया जा रहा है। सुरक्षाबल किसी भी कीमत पर उन्हें भागने का मौका नहीं देना चाहते.

सेना और कमांडर ने दी श्रद्धांजलि

शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह को सेना की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने भी उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया. उन्होंने कहा कि देश उनकी शहादत को हमेशा याद रखेगा.

यह भी पढ़ें - जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में आतंकियों की मुठभेड़, अब तक सेना के आठ जवान घायल, ऑपरेशन जारी

Jammu and Kashmir
Advertisment