असम दौरे पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, घुसपैठ मुद्दे को बनाया चुनावी विषय

असम चुनाव से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने धेमाजी रैली में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए घुसपैठ और जनसंख्या बदलाव का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में यह समस्या केवल बीजेपी सरकार ही सख्ती से रोक सकती है.

असम चुनाव से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने धेमाजी रैली में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए घुसपैठ और जनसंख्या बदलाव का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में यह समस्या केवल बीजेपी सरकार ही सख्ती से रोक सकती है.

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Deepak Kumar
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असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेज हो गया है. इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन के दौरे पर असम पहुंचे. शुक्रवार (30 जनवरी) को उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास स्थित धेमाजी में एक बड़ी रैली को संबोधित किया. अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और राज्य में घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया.

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असम के 7 जिलों में 64 लाख घुसपैठियों का दावा

अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस के करीब 20 साल के शासनकाल के दौरान असम के कई इलाकों की जनसंख्या संरचना में बड़ा बदलाव हुआ. उन्होंने कहा कि राज्य के सात जिलों- धुबरी, बारपेटा, दरांग, मोरीगांव, बोंगाईगांव, नागांव और गोलपाड़ा में घुसपैठियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. शाह के मुताबिक, इन जिलों में अब लगभग 64 लाख घुसपैठियों का दबदबा है.

उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर राज्य में घुसपैठ रोकनी है तो आगामी चुनाव में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाना होगा. शाह ने कहा कि यह काम सरकार का है और हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में काम कर रही है.

सीमा सुरक्षा को लेकर बीजेपी सरकार की गिनाईं उपलब्धियां

गृहमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारें मिलकर असम में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं. उनके अनुसार, अब तक करीब 1.26 लाख एकड़ जमीन घुसपैठियों के कब्जे से मुक्त कराई जा चुकी है. अपने भाषण में शाह ने असम के प्रमुख आदिवासी समुदाय ‘मिसिंग’ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस समुदाय ने ऊपरी असम में अवैध घुसपैठ रोकने में अहम भूमिका निभाई है. उनकी मेहनती जीवनशैली और स्थानीय सतर्कता को उन्होंने “प्राकृतिक सुरक्षा कवच” बताया.

इस तरह घुसपैठ और जनसंख्या बदलाव का मुद्दा असम चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक विषय बनता नजर आ रहा है.

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