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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी Photograph: (Social media)
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 12 मार्च 2024 को विधानसभा में पहली बार बहुमत सिद्ध करने के बाद अपनी हंसमुख और मृदुभाषी शैली के चलते जन-जन में लोकप्रिय हुए हैं. उनका व्यक्तित्व सेलेब्रिटी से भी अधिक प्रदेश के लोगों के दिलों में रचा-बसा है. हरियाणा गठन के बाद नायब सिंह सैनी प्रदेश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें इतने कम समय में अपनी कुशल कार्यशैली की बदौलत लोकप्रियता मिली है. जिसके चलते जनता-जनार्दन ने हरियाणा में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का जनादेश दिया है. 100 दिन के दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री लोगों के दिलों में गहरे तक अमिट छाप छोड़ने में कामयाब हुए हैं.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल भी अपनी मिलनसार प्रवृति के कारण ऐसे ही लोकप्रिय नेता थे और इसी वजह से उन्हें ताऊ की उपाधि से नवाजा गया था. आज नायब सिंह सैनी की हर व्यक्ति से आसानी से मिलने की नायाब कार्यशैली ने उनको राजनीति में अलग मुकाम दिलाया है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी मुख्यमंत्री ट्रेंड करते रहते हैं. उनके फालोअर्स की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को दी है तीन 'वी' की उपाधि
अब तो आलम ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्यमंत्री के सरल व्यक्तित्व के कायल हैं. प्रधानमंत्री मोदी जब भी हरियाणा में किसी बड़े राजनीतिक मंच या अन्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित होते हैं तो वे अपने संबोधन में अक्सर नायब सिंह को तीन 'वी' की उपाधि से नवाजते हैं. प्रधानमंत्री कहते हैं कि नायब सिंह विनम्र, विवकेशील व विद्वान व्यक्तित्व के धनी हैं, जिन्होंने इतने कम समय में मुख्यमंत्री के रूप में राजनीतिक लोकप्रियता हासिल की है.
कथनी-करनी एकै सार, जुल्म रहैया न भ्रष्टाचार, बिना खर्ची-पर्ची मिल रही नौकरियां हजार
नायाब सरकार के बारे में अब प्रदेश के लोग कहते हैं कि कथनी -करनी एकै सार, जुल्म रहैया न भ्रष्टाचार, बिना खर्ची-पर्ची मिल रही नौकरियां हजार. विधानसभा चुनावों के दौरान जब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ग्रुप-सी के 25 हजार से अधिक अभ्यार्थियों का परिणाम घोषित किया गया तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वायदा किया था कि वे मुख्यमंत्री पद की शपथ बाद में लेंगे पहले युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे. 17 अक्टूबर 2024 को नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में शपथ लेने से पहले 25 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए, उसके बाद स्वयं शपथ ली.
विपक्ष भी है मुख्यमंत्री की कार्यशैली का कायल
यहीं नहीं प्रदेश के विपक्ष के कई नेता भी मुख्यमंत्री की कार्यशैली के कायल हैं. आम तौर पर हरियाणा की राजनीति में विपक्ष की परंपरा रही है कि जब भी सत्ताधारी पार्टी के मुख्यमंत्री उनके विधानसभा क्षेत्र में कोई बड़ी रैली में शामिल होने के लिए आते हैं तो वे उसे विफल करने की जुगत में लग जाते हैं, परंतु मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विपक्ष की इस प्रवृति को बदलने में सफल रहे हैं.
सौम्यता वाली शैली उन्हें अन्य नेताओं से दिलाती है अलग पहचान
पिछले दिनों सिरसा में मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने शिरकत की थी और इसी कार्यक्रम में प्रोटोकोल के हिसाब से स्थानीय विधायक गोकुल सेतिया को आमंत्रित किया जाना था. लेकिन जब विधायक को जानकारी मिली कि उनका नाम मुख्यमंत्री का स्वागत करने वालों की सूची में नहीं है तो वे वायु सेना हवाई अड्डे से चले गए. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने विधायक गोकुल सेतिया को हवाई अड्डे पर बुलाया और 5 से 10 मिनट तक विधायक के आने का इंतजार भी किया. इसके बाद मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी में विधायक गोकुल सेतिया को बैठा कर समारोह स्थल पर ले गए. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने गोकुल सेतिया को मंच से बोलने का भी मौका दिया. मुख्यमंत्री की यही सौम्यता वाली शैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाती है.
विरोधियों की भी पसंद हैं सीएम सैनी
20 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने गृह क्षेत्र नारायणगढ़ में विकास रैली की थी, जहां उन्होंने 43.50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया था. रैली को कांग्रेस की स्थानीय विधायिका श्रीमती शैली चौधरी ने संबोधित किया तो उपस्थित लोग आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह सके, क्योंकि शैली चौधरी के पति पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर के साथ राजनीति मे नायब सिंह सैनी का 36 का आंकड़ा है. मुख्यमंत्री ने शैली चौधरी को मंच से बोलने का अवसर दिया. शैली ने नायब सिंह सैनी को लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताते हुए अपने संबोधन की शुरूआत की और लगभग 15 मिनट तक भाषण दिया. नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मांगों के साथ-साथ सरकार के कई कामों व मुख्यमंत्री की सराहना की. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसके जवाब में अपने संबोधन में कहा कि नारायणगढ़ तो उनका गृह क्षेत्र है. विधायिका महोदय जितनी भी मांग रखेंगी उन पर सहानुभूतिपूर्वक न सिर्फ विचार किया जाएगा, बल्कि पूरा भी किया जाएगा.
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