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आप नेता अनुराग ढांडा Photograph: (NN)
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने फरीदाबाद से सामने आई एक अमानवीय घटना पर गहरा आक्रोश जताया है. उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल का यह दृश्य बेहद दर्दनाक और शर्मनाक है. इलाज के दौरान एक गरीब मजदूर की पत्नी की मौत हो गई, लेकिन सरकारी एंबुलेंस न मिलने के कारण परिवार को महिला का शव सब्जी बेचने वाले ठेले पर गांव तक ले जाना पड़ा.
12 साल के बेटे की तस्वीर ने तोड़ा दिल
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे मार्मिक तस्वीर वह थी, जिसमें 12 साल का बेटा ठेले पर रखी अपनी मां की लाश को कपड़े से ढकता नजर आया. अनुराग ढांडा ने कहा कि यह तस्वीर किसी एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता का प्रतीक है.
अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल
उन्होंने सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें कहा गया कि डेडबॉडी ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर सिस्टम की नाकामी और सरकारी गैर-जिम्मेदारी को उजागर करता है. इलाज में परिवार के सारे पैसे खर्च हो चुके थे. निजी एंबुलेंस ने 700 रुपये मांगे, जो परिजन देने की स्थिति में नहीं थे.
मौत के बाद भी नहीं मिला चैन
अनुराग ढांडा ने कहा कि इस परिवार को मौत के बाद भी चैन नहीं मिला. श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए 5,500 रुपये मांगे गए, जिसके लिए परिजनों को फिर से लोगों से चंदा इकट्ठा करना पड़ा. उन्होंने कहा कि गरीब के लिए यहां जिंदगी और मौत दोनों ही महंगी कर दी गई हैं.
हरियाणा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
आम आदमी पार्टी नेता ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं. नर्सों और डॉक्टरों की भारी कमी है, जिससे एक नर्स पर कई-कई मरीजों का बोझ है. अस्पतालों में बेड की इतनी कमी है कि मरीजों को बेड शेयर करने पड़ रहे हैं.
एंबुलेंस व्यवस्था बदहाल
उन्होंने कहा कि एंबुलेंस की हालत भी जर्जर है. कई जिलों में पुरानी और खराब एंबुलेंस खड़ी हैं या चलने लायक नहीं हैं. 2.8 करोड़ की आबादी वाले राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं नाम मात्र की रह गई हैं.
सरकार से आम आदमी पार्टी की मांग
अनुराग ढांडा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की साफ मांग है कि भाजपा सरकार तुरंत सभी खाली पदों पर भर्ती करे, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाए, एंबुलेंस व्यवस्था को दुरुस्त करे और यह सुनिश्चित करे कि किसी भी गरीब परिवार को दोबारा ऐसी अमानवीय स्थिति का सामना न करना पड़े.
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