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योगी आदित्यनाथ Photograph: (X/ani)
योगी सरकार एक बार फिर तपेदिक (टीबी) उन्मूलन को लेकर एक बार फिर बड़ा अभियान छेड़ा है. इसके लिए प्रदेश में 100 दिवसीय विशेष सघन रोगी खोज अभियान आरंभ शुरू होने वाला है. फरवरी में शुरू हो रहे अभियान में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के सहयोग से अधिकतम मरीजों को खोजकर उनका इलाज शुरू करने की रणनीति बनाई है. स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी अपर निदेशकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को खास दिशा-निर्देश​ दिए हैं. इसके तहत स्वास्थ्य विभाग ने टीबी रोगियों को प्राथमिकता के तहत आधार पर रोजगार से संबंधित प्रशिक्षित करने के कौशल विकास विभाग को लिखा है.
मौत के मामले में 17 फीसदी की कमी आई
स्वास्थ्य सचिव डॉ.पिंकी जोवल ने जानकारी दी कि सघन टीबी खोज अभियान 7 दिसंबर 2024 से चलाया जा रहा है. इसके नतीजा है कि वर्ष 2015 के प्रति एक लाख व्यक्तियों में मरीजों की संख्या में 17 प्रतिशत और टीबी की वजह से होने वाली मौत के मामले में 17 फीसदी की कमी आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभाग ने एक बार फिर से फरवरी में सघन टीबी रोगी खोज अभियान चलाने का फैसला लिया है.
बस्तियों में टीबी स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए
सभी सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि दो माह में सांसदों के साथ जनपद स्तरीय समीक्षा करवाएं और उन्हें निक्षय शिविर व अन्य जनभागीदारी गतिविधियों में शामिल करें. ये समीक्षा बैठकें आगे जारी रहने वाली हैं. इसके साथ विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, प्रधानों व पार्षदों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा. डीजी ने सभी कारागारों व मलिन बस्तियों में टीबी स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ प्राथमिक स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक में निबंध, पोस्टर प्रतियोगिता समेत विभिन्न माध्यमों से छात्र-छात्राओं में जागरूकता फैलाने का प्रयास होगा. इसके साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने का निर्देश दिया है. टीबी के लक्षण वाले लोगों को स्क्रीनिंग के लिए भेजा जा सकेगा.
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