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Somnath Swabhiman Parv
Somanath Swabhiman Parv: गुजरात के प्रभास पाटन स्थित विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में 8 से 11 जनवरी तक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है. इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सोमनाथ मंदिर से जुड़ा एक भावनात्मक वीडियो साझा करते हुए इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया है.
पोस्ट के जरिए सीएम ने क्या कहा
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल विध्वंस की कहानी नहीं है, बल्कि यह पिछले एक हजार वर्षों से भारत माता के करोड़ों पुत्रों और पुत्रियों के स्वाभिमान, आस्था और आत्मसम्मान की अमर गाथा है. उन्होंने कहा कि सोमनाथ उस भारत का प्रतीक है जो असत्य और आक्रमण के सामने कभी झुका नहीं. यह मंदिर भारत की सनातन चेतना और अडिग आस्था का जीवंत उदाहरण है.
सोमनाथ मंदिर की गाथा विध्वंस की कहानी नहीं है। ये पिछले 1000 साल से चली आ रही भारत माता के करोड़ों संतानों के स्वाभिमान की गाथा है। यह असत्य के सामने कभी न झुकने वाले भारत के स्वमान की अमर गाथा है।
— Bhupendra Patel (@Bhupendrapbjp) January 5, 2026
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के प्रेरणा से इस 8 जनवरी से 11 जनवरी… pic.twitter.com/NVXpTbD7q8
PM मोदी की प्रेरणा से सोमनाथ पर्व का आयोजन- सीएम पटेल
सीएम पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत सनातन परंपरा, राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना का उत्सव मनाया जाएगा. उन्होंने इसे भारत माता को वैभव के शिखर पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक संकल्प बताया.
एक्स हैंडल पर किया विदेशी आक्रमणों का उल्लेख
मुख्यमंत्री के एक्स हैंडल से साझा किए गए वीडियो में सोमनाथ मंदिर की पौराणिक मान्यता, ऐतिहासिक महत्व और उस पर हुए विदेशी आक्रमणों का उल्लेख किया गया है. वीडियो में बताया गया है कि महमूद गजनवी, महमूद बेगड़ा और अलाउद्दीन खिलजी जैसे आक्रांताओं ने मंदिर और शिवलिंग को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तमाम हमलों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी भारतीयों की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है.
कैसा होगा आयोजन
अधिकारियों के अनुसार, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत पूरे वर्ष विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. खास तौर पर 8 से 11 जनवरी तक मंदिर परिसर में विशेष आयोजन होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 जनवरी को इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.
इस पर्व का मुख्य विषय ‘अटूट आस्था’ रखा गया है, जो यह दर्शाता है कि बार-बार के आक्रमणों के बावजूद भारतीय सभ्यता, संस्कृति और विश्वास आज भी अडिग और सशक्त बने हुए हैं.
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