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गुजरात सरकार स्कीम Photograph: (Grok)
अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से “Scheme for Small Business Owners of Scheduled Castes to Buy a Place of Business/Shop” की शुरुआत वर्ष 1991 में की गई थी. इस योजना को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, Government of Gujarat के अंतर्गत अनुसूचित जाति कल्याण निदेशालय द्वारा लागू किया गया.
योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को अपना स्वयं का व्यापार स्थल या दुकान खरीदने में सहायता करना है. इससे वे किराये पर निर्भर न रहते हुए स्थायी व्यवसाय स्थापित कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें.
वित्तीय सहायता और लाभ क्या है
योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थी को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है. लाभार्थी को केवल 4 प्रतिशत तक ब्याज देना होता है, जबकि इससे अधिक ब्याज की राशि सरकार द्वारा तीन वर्षों तक ब्याज सब्सिडी के रूप में वहन की जाती है. इसके अतिरिक्त 15,000 रुपये की एकमुश्त सब्सिडी सहायता भी प्रदान की जाती है.
पात्रता क्या है?
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का गुजरात का मूल निवासी होना अनिवार्य है. आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए. इस योजना के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है. ऋण केवल एक स्थान पर दुकान या व्यवसाय स्थल के लिए ही दिया जाता है.
प्राथमिकता श्रेणियां क्या है?
योजना का लाभ सबसे पहले शिक्षित बेरोजगारों, बेरोजगार मिल श्रमिकों, तकनीकी एवं व्यावसायिक अनुभव रखने वाले व्यक्तियों तथा योग्य स्व-रोजगार करने वालों को दिया जाता है.
दुकान और भूमि से संबंधित शर्तें
राज्य सरकार या उसकी संस्थाओं द्वारा दी गई दीर्घकालिक किराये की दुकानों के लिए भी ऋण सुविधा उपलब्ध है, लेकिन ऋण चुकाने तक संपत्ति सरकार के पास गिरवी रहेगी. यदि आवेदक अपनी भूमि पर निर्माण करता है, तो उसे भूमि स्वामित्व और भूमि के अकृषित होने का प्रमाण देना होगा.
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. पात्र आवेदक e-Samaj Kalyan पोर्टल पर पंजीकरण कर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं और आवेदन संख्या के माध्यम से स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
महत्वपूर्ण शर्तें क्या है?
ऋण का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए ही किया जा सकता है. किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की अनुमति नहीं होगी. ऋण चूक की स्थिति में 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त दंडात्मक ब्याज लगाया जाएगा और राशि को भू-राजस्व बकाया के रूप में वसूला जा सकता है. यह योजना अनुसूचित जाति वर्ग के छोटे व्यापारियों के लिए स्थायी व्यवसाय और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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