मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना: गुजरात में महिलाओं को मिलेगा बिना ब्याज 1 लाख रुपये तक का ऋण

Mukhyamantri Mahila Utkarsh Yojana के तहत गुजरात सरकार महिलाओं को स्वरोजगार और व्यवसाय विस्तार के लिए 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है. यह योजना प्रशिक्षण, कौशल विकास और वित्तीय सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखती है.

Mukhyamantri Mahila Utkarsh Yojana के तहत गुजरात सरकार महिलाओं को स्वरोजगार और व्यवसाय विस्तार के लिए 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है. यह योजना प्रशिक्षण, कौशल विकास और वित्तीय सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखती है.

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Ravi Prashant
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Mukhyamantri Mahila Utkarsh Yojana

मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना Photograph: (Meta AI)

मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना गुजरात सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक योजना है, जिसे राज्य में महिलाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है. इस योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा संबंधित निगमों के माध्यम से किया जाता है.

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इस योजना का मुख्य लक्ष्य गुजरात की वे महिलाएं हैं जो नया व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं या अपने मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं. योजना का लाभ सभी आय वर्ग की महिलाओं को दिया जाता है क्योंकि इसमें किसी प्रकार की आय सीमा तय नहीं की गई है.

योजना के उद्देश्य क्या है? 

योजना का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इसके साथ ही महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना, उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण देना और राज्य में महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना भी इसके अहम लक्ष्य हैं.

योजना की प्रमुख विशेषताएं

मुख्यमंत्री महिला उत्कर्ष योजना के अंतर्गत महिलाओं को अधिकतम 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है. यह ऋण बिना किसी जमानत या कोलेटरल सिक्योरिटी के प्रदान किया जाता है. ऋण की पुनर्भुगतान अवधि पांच वर्ष तक रखी गई है, जिससे लाभार्थियों को पर्याप्त समय मिल सके.

प्रशिक्षण और कौशल विकास

योजना के तहत महिलाओं को व्यवसाय प्रबंधन, लेखांकन, विपणन और उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है. इसका उद्देश्य महिलाओं की व्यावसायिक समझ को मजबूत करना और उन्हें प्रतिस्पर्धी बाजार के लिए तैयार करना है.

सब्सिडी और अन्य लाभ

यदि लाभार्थी समय पर ऋण का भुगतान करती हैं तो सरकार द्वारा 6 प्रतिशत प्रति वर्ष की सब्सिडी भी प्रदान की जाती है. इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार का प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाता, जिससे योजना अधिक सुलभ बनती है.

पात्रता शर्तें क्या है? 

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक महिला का गुजरात की स्थायी निवासी होना आवश्यक है. आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है. आधार कार्ड और वैध पहचान पत्र भी जरूरी हैं. सरकारी कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं. साथ ही जो विद्यार्थी इस उद्देश्य के लिए किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ ले रहे हैं, वे भी इस योजना के अंतर्गत आवेदन नहीं कर सकते.

आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है. इच्छुक महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी गुजरात महिला आर्थिक विकास निगम कार्यालय से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकती हैं. आधार कार्ड, पहचान पत्र, पते का प्रमाण, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, विस्तृत व्यवसाय योजना, बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हैं.

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