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गुजरात स्कीम Photograph: (X)
कृषि, किसान कल्याण और सहकारिता विभाग, Government of Gujarat द्वारा लागू की गई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY-इनलैंड) के अंतर्गत राज्य में अंतर्देशीय मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए नए ग्रो-आउट तालाबों के निर्माण पर सहायता प्रदान की जा रही है. यह योजना Commissioner of Fisheries के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है, जिसमें 60 प्रतिशत अंशदान भारत सरकार और 40 प्रतिशत अंशदान गुजरात सरकार द्वारा दिया जा रहा है.
योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य जलाशयों और मीठे पानी के स्रोतों में मछली पालन के माध्यम से मछली उत्पादन बढ़ाना और अंतर्देशीय मत्स्य गतिविधियों से जुड़े लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है. योजना के तहत बायोफ्लॉक और रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) जैसी आधुनिक तकनीकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम भूमि और कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो सके.
वित्तीय सहायता का डिटेल्स
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नए ग्रो-आउट तालाब के निर्माण के लिए परियोजना की इकाई लागत ₹7,00,000 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है. सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत यानी ₹2,80,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाती है. वहीं महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत यानी ₹4,20,000 प्रति हेक्टेयर तक की सहायता प्रदान की जाती है. यह सहायता जीवन में केवल एक बार उपलब्ध होगी.
पात्रता और प्राथमिकता
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का अंतर्देशीय मत्स्य पालन गतिविधियों से जुड़ा होना आवश्यक है. आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसके पास स्वयं का बैंक खाता होना चाहिए. निजी भूमि या कम से कम 10 वर्ष की लीज पर भूमि होना अनिवार्य है. सभी वर्गों को योजना का लाभ मिलेगा, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति लाभार्थियों के लिए प्रमाण पत्र आवश्यक होगा.
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है. इच्छुक आवेदक I-Khedut Portal पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं. पंजीकरण के बाद लॉगिन कर योजना का चयन, आवेदन भरना, सत्यापन और आवेदन की पुष्टि की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए पहचान प्रमाण पत्र, बैंक विवरण, भूमि स्वामित्व या लीज से संबंधित दस्तावेज, सह-स्वामियों की सहमति और अनुसूचित जाति या जनजाति प्रमाण पत्र आवश्यक हैं. यह योजना गुजरात में अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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