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पंडित दीनदयाल उपाध्याय आवास योजना Photograph: (META AI)
गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आवास योजना आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहल मानी जा रही है. इस योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को आवासीय सहायता प्रदान करना है, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और जिनके पास स्वयं का पक्का घर नहीं है. योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए अधिकतम ₹1,20,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.
योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ईबीसी वर्ग के परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना है. सरकार का मानना है कि आवास केवल एक मूलभूत आवश्यकता नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक भी है. इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठा रही है. आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों को दी जाती है ताकि वे अपने घर का निर्माण कर सकें.
पात्रता की शर्तें क्या हैं?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग से होना अनिवार्य है. आवेदक गुजरात का स्थायी निवासी होना चाहिए. परिवार की वार्षिक आय ₹6,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा, आवेदक के पास स्वयं की जमीन होनी चाहिए या फिर उसे किसी सरकारी गरीबी आवास योजना के अंतर्गत भूमि या मकान आवंटित किया गया हो.
अप्लाई करने का प्रोसेस क्या है?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय आवास योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है. आवेदकों को सबसे पहले eSamajkalyan पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होता है. नए उपयोगकर्ताओं को रजिस्ट्रेशन के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त होता है. लॉगिन करने के बाद संबंधित योजना का चयन कर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होता है और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं.
आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
आवेदन जमा करने के बाद लाभार्थी अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं. इसके लिए पोर्टल पर “Your Application Status” विकल्प पर जाकर आवेदन संख्या और जन्मतिथि दर्ज करनी होती है. इससे आवेदन की वर्तमान स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देती है.
डॉक्यूमेंट्स क्या क्या लगेंगे?
योजना के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक या कैंसिल चेक, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज, निर्माण अनुमति पत्र, तथा संबंधित पंचायत या नगर निकाय से प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं. सभी दस्तावेज निर्धारित प्रारूप और आकार में अपलोड करने होते हैं.
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