दिव्यांगों के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर योजना, गुजरात सरकार दे रही ₹25,000 तक की सहायता

गुजरात सरकार की इलेक्ट्रिक स्कूटर योजना के तहत ऑर्थोपेडिक दिव्यांग व्यक्तियों को स्कूटर खरीदने पर ₹25,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है. योजना का उद्देश्य दिव्यांगों की गतिशीलता और आत्मनिर्भरता बढ़ाना है. पात्र आवेदकों का चयन प्रक्रिया के बाद सीधे बैंक खाते में सब्सिडी दी जाती है.

गुजरात सरकार की इलेक्ट्रिक स्कूटर योजना के तहत ऑर्थोपेडिक दिव्यांग व्यक्तियों को स्कूटर खरीदने पर ₹25,000 तक की वित्तीय सहायता दी जाती है. योजना का उद्देश्य दिव्यांगों की गतिशीलता और आत्मनिर्भरता बढ़ाना है. पात्र आवेदकों का चयन प्रक्रिया के बाद सीधे बैंक खाते में सब्सिडी दी जाती है.

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Ravi Prashant
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गुजरात सरकारी स्कीम Photograph: (AI)

गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा “स्कीम टू प्रोवाइड इलेक्ट्रिक स्कूटर टू डिसेबल्ड पर्सन” नामक योजना चलाई जा रही है. इस योजना का उद्देश्य ऑर्थोपेडिक दिव्यांग व्यक्तियों को अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाना है. इसके तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से दिव्यांग व्यक्तियों की शिक्षा, रोजगार और दैनिक जीवन में भागीदारी बढ़ेगी.

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₹25,000 तक की वित्तीय सहायता

इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है. सहायता राशि स्कूटर की मूल कीमत के 50 प्रतिशत तक या अधिकतम ₹25,000 तक होती है, जो भी कम हो. इसके अलावा दिव्यांगता किट की लागत का 50 प्रतिशत तक भी सहायता दी जाती है. आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है. स्कूटर केवल JEDA द्वारा अनुमोदित एजेंसी से सरकार द्वारा तय कीमत पर ही खरीदा जा सकता है.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें तय की गई हैं. आवेदक गुजरात का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आवेदक को कम से कम 40 प्रतिशत ऑर्थोपेडिक दिव्यांगता होनी चाहिए, जिसका प्रमाण सिविल सर्जन द्वारा जारी प्रमाणपत्र से होना अनिवार्य है. इसके साथ ही आवेदक के पास सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा जारी दिव्यांग पहचान पत्र होना चाहिए. आवेदक का नाम बीपीएल श्रेणी में होना चाहिए और उसका स्कोर 0 से 20 के बीच होना जरूरी है.

प्राथमिकता किसे मिलेगी?

सरकार ने इस योजना में उन लोगों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी रखा है जिनका नाम सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 यानी SECC-2011 के डेटा में दर्ज है. इसके अलावा यदि किसी लाभार्थी को पिछले पांच वर्षों में इस योजना का लाभ मिल चुका है, तो उसे दोबारा लाभ नहीं दिया जाएगा. हालांकि यदि पहले दिया गया स्कूटर क्षतिग्रस्त हो गया हो और आवेदक अन्य सभी पात्रता शर्तों को पूरा करता हो, तो वह फिर से आवेदन कर सकता है.

आवेदन करने की प्रक्रिया

इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है. सबसे पहले सरकार द्वारा योजना के लिए विज्ञापन जारी किया जाता है. इसके बाद इच्छुक आवेदक निःशुल्क आवेदन पत्र प्राप्त कर उसे सही तरीके से भरते हैं. भरे हुए आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर जिला स्तर के कार्यालय में जमा करना होता है. इसके बाद पात्र आवेदकों का चयन कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के माध्यम से किया जाता है.

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जरूरी दस्तावेज क्या क्या लगेगा?

योजना में आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है. इनमें निवास प्रमाण पत्र के रूप में राशन कार्ड, बिजली बिल, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र में से कोई एक देना होगा. आयु प्रमाण के लिए स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाण पत्र या दिव्यांगता प्रमाण पत्र स्वीकार किया जाएगा. इसके अलावा बीपीएल स्कोर का प्रमाण, बैंक पासबुक की पहली पेज की कॉपी या रद्द चेक, आधार कार्ड और यूडीआईडी कार्ड की कॉपी भी आवेदन के साथ जमा करनी होती है.

दिव्यांगों के जीवन में बदलाव की उम्मीद

सरकार का मानना है कि इस योजना से दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा. इलेक्ट्रिक स्कूटर मिलने से उन्हें रोजमर्रा के काम, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी होगी. यह योजना दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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