Yuvraj Mehta Case: युवराज की मौत को लेकर SIT ने सौंपी रिपोर्ट, बचाव दल ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए

Yuvraj Mehta Noida Case: नोएडा के सेक्टर-150 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब इंसाफ मिलना तय हो चुका है. इस मामले को लेकर एसआईटी की रिपोर्ट सामने आ चुकी है.

Yuvraj Mehta Noida Case: नोएडा के सेक्टर-150 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में अब इंसाफ मिलना तय हो चुका है. इस मामले को लेकर एसआईटी की रिपोर्ट सामने आ चुकी है.

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Mohit Saxena
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Noida Engineer Death Update

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Yuvraj Mehta Noida Case: नोएडा के सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के केस में जल्द इंसाफ मिल सकता है. इस हाई-प्रोफाइल केस में  बनी विशेष जांच टीम (SIT) आज अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासनिक सिस्टम की गंभीर चूक को रिपोर्ट में उजागर किया गया है. इस मामले को लेकर बनी विशेष जांच टीम (SIT) आज अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में गंभीर चूक बताया जा रहा है. 

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कर्मियों की जिम्मेदारी तय करने की सिफारिश

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर के नेतृत्व में बनी SIT ने अपनी जांच को पूरा कर लिया है. इसमें करीब 600 पन्नों की जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर ये माना गया है कि हादसे के बाद मौके पर  पहुंचे बचाव दल ने समय रहते हुए जरूरी कदम नहीं उठाया. रेस्क्यू ऑपरेशन में लापरवाही देखी गई. इसकी वजह से खामियाजा एक युवा को भुगतना पड़ा. उसकी जान चली गई. SIT ने इस केस में नोएडा अथॉरिटी, एसडीआरएफ, दमकल विभाग, पुलिस और संबंधित अफसरों और कर्मियों की जिम्मेदारी तय करने की सिफारिश की गई है.

परियोजना में नियामों की जमकर अनदेखी 

जांच में SIT ने 7 दिनों तक की गहन पड़ताल की. इसमें सैकड़ों अहम दस्तावेजों की जांच की. करीब 30 अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की गई. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो 300 एकड़ की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में नियामों की जमकर अनदेखी देखी गई. सुरक्षा के मानको में ढिलाई की गई. रिपोर्ट में करोड़ों रुपये के जुर्माने और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश हुई. SIT ने केवल आरोप नहीं लगाए बल्कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके लिए अपने सुझाव दिए हैं. अब सबकी निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट सौंपने और प्रदेश सरकार के निर्णय टिकी है. ऐसा माना गया है कि  SIT रिपोर्ट के आधार पर बड़े स्तर पर सख्त कार्रवाई हो सकती है.

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