स्वामी रामदेव ने भारतीय शिक्षा बोर्ड कार्यक्रम में हजारों युवाओं को किया संबोधित, मैकाले शिक्षा नीति पर कही ये बात

स्वामी रामदेव महाराज आज यानी 14 फरवरी शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों की सभा को संबोधित किया हैं. इस प्रोग्राम को लेकर उन्होंने क्या कुछ कहा आइए जानते हैं.

स्वामी रामदेव महाराज आज यानी 14 फरवरी शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों की सभा को संबोधित किया हैं. इस प्रोग्राम को लेकर उन्होंने क्या कुछ कहा आइए जानते हैं.

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Akansha Thakur
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Swami Ramdev

Swami Ramdev Photograph: (fb)

आज यानी 14 फरवरी वैलेंटाइन के मौके पर दिल्ली के यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित भारतीय शिक्षा बोर्ड कार्यक्रम में हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को लाइव के जरिए संबोधित किया. उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए मैकाले की 1835 की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बात की. चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा? 

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शिक्षा प्रणाली में बदलाव की जरूरत पर दिया जोर

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान शिक्षा ढांचे पर गंभीर मंथन करना है. स्वामी रामदेव अपने संबोधन में कहेंगे कि आज के समय में केवल डिग्री आधारित पढ़ाई पर्याप्त नहीं है. उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण होना चाहिए. वे युवाओं से आह्वान करेंगे कि वे विदेशी मानसिकता से बाहर निकलें और भारतीय ज्ञान परंपरा को समझें. कार्यक्रम में यह भी बताया जाएगा कि कैसे मूल्य आधारित शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को आत्मनिर्भर बना सकती है.

यहां देखें लाइव वीडियो

मैकाले शिक्षा नीति को लेकर कही ये बात 

स्वामी रामदेव ने फेसबुक लाइव के जरिए कहा कि हमे ऋषियों की शिक्षा, ऋषियों की चिकित्सा और ऋषियों की सनातन जीवन पद्धित पर हमें गर्व करना चाहिए, लेकिन 1835 में एक बहुत बड़ा पाप हो गया एक मैकाले नाम का व्यक्ति आया और उसने 7 लाख से अधिक गुरुकुलो से चली आ रही परंपरा हमारी जो विद्या के केंद्र थे उन सबको एक तरह से बंद करवा दिया. 

स्वामी रामदेव ने आगे कहा कि Indian Education Act के जरिए जो कानून थोपा गया. 15 अगस्त को देश आजाद तो हो गया लेकिन मैकाले की शिक्षा अभी भी जारी है. ये शिक्षा की गुलामी का दौर खत्म होगा और इसलिए आज यहाँ दिल्ली शिक्षा प्रणाली में इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया है. 

भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़े रहने की दी सलाह 

स्वामी रामदेव ने लाइव के जरिए भारतीय शिक्षा बोर्ड से जु़ड़े रहने की सलाह देते हुए कहा कि अब भारत में हम किसी प्रकार का अत्याचार नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि भारत में भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से ऐसा इतिहास पढ़ाया जाएगा जो हमारे रियल हीरोज है उनका चरित्र हमारे बच्चे पढ़ेंगे और अपने से बड़ों की शिक्षा के भाती अपने अंदर वो शौर्य विर्ता जगाएंगे अब बच्चे इतिहास पढ़ेंगे भी और इतिहास गाढेंगे भी. 

शिक्षा सुधार की दिशा पर जानें की दी जानकारी 

इस अवसर पर भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एन. पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) भी उपस्थित रहें. उन्होंने कार्यक्रम की भूमिका निभाते हुए शिक्षा सुधार की दिशा में बोर्ड की योजनाओं की जानकारी दी. एन. पी. सिंह ने कहा कि बोर्ड का लक्ष्य भारतीय सोच पर आधारित पाठ्यक्रम को बढ़ावा देना है. उनका कहना है कि इससे देश को सही मायनों में शैक्षिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता मिल सकती है.

बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग 

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, शिक्षक और शिक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए. सभी का उद्देश्य एक ही था भारत को फिर से “विश्व गुरु” के मार्ग पर ले जाना. आयोजकों के अनुसार, यह संवाद देश की शिक्षा दिशा को नई सोच देने वाला साबित हुआ. 

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