Noida Engineer Death: युवराज की मौत के बाद जागा नोएडा प्रशासन, सेक्टर 150 में अब तेजी से हो रहा विकास

Noida Engineer Death: युवराज की मौत के बाद नोएडा प्रशासन ने सेक्टर 150 में बैरिकेड, ग्रिल, रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट लगाकर सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए हैं.

Noida Engineer Death: युवराज की मौत के बाद नोएडा प्रशासन ने सेक्टर 150 में बैरिकेड, ग्रिल, रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट लगाकर सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए हैं.

author-image
Yashodhan Sharma
New Update
Noida Engineer Death case update

Noida Engineer Death case

Noida Engineer Death: नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है. जिस निर्माणाधीन पानी भरे गड्ढे में युवराज की कार गिर गई थी, उसे अब चारों तरफ से सीमेंटेड बैरिकेड और लोहे की ग्रिल से घेर दिया गया है. पहले यह गड्ढा पूरी तरह खुला हुआ था, जिसकी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ.

Advertisment

गड्ढे की कुछ यूं हुई मरम्मत

अब गड्ढे के चारों ओर लोहे की ग्रिल लगाई गई है और उस पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जा रहे हैं. इससे रात के समय या कोहरे में वाहन चालकों को पहले ही चेतावनी मिल जाएगी. खास बात यह है कि जहां पहले स्ट्रीट लाइट तक नहीं थी, वहां अब लाइटें भी लगा दी गई हैं, ताकि अंधेरे की वजह से कोई और हादसा न हो.

सड़क पर ब्रेकर भी बनाए 

युवराज की मौत के बाद सड़क पर ब्रेकर भी बना दिए गए हैं. इससे तेज रफ्तार में आने वाले वाहन अपने आप धीमे हो जाएंगे. अगर ये इंतजाम पहले किए गए होते, तो शायद 27 साल के युवराज की जान बच सकती थी. ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और स्ट्रीट लाइट की मौजूदगी में युवराज को समय रहते अंदाजा हो जाता कि आगे रास्ता नहीं है.

तेजी से हो रहा काम

सेक्टर 150 में अब तेजी से काम कराया जा रहा है. प्रशासन भले ही देर से जागा हो, लेकिन अब कोशिश की जा रही है कि भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा न हो. युवराज के परिवार के लिए यह कदम किसी भी तरह से उनके बेटे को वापस नहीं ला सकता, लेकिन इससे किसी और परिवार को ऐसा दर्द झेलने से बचाया जा सकता है.

कैसे हुआ था हादसा

बताया जा रहा है कि 16 और 17 जनवरी 2026 की रात युवराज अपने गुरुग्राम स्थित दफ्तर से घर लौट रहा था. उस रात कड़ाके की ठंड और घना कोहरा था. सड़क पर अंधेरा होने की वजह से उसकी कार दीवार तोड़कर पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी. वह कई घंटों तक मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन समय पर रेस्क्यू नहीं हो सका और उसकी मौत हो गई. इस मामले में बिल्डर और उसके सहयोगियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं. थाना नॉलेज पार्क में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है.

यह भी पढ़ें: डिलीवरी नहीं, आंदोलन होगा! 3 फरवरी को गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल, जानें क्या है वजह

Noida Noida Engineer Death
Advertisment