डिलीवरी नहीं, आंदोलन होगा! 3 फरवरी को गिग वर्कर्स की देशव्यापी हड़ताल, जानें क्या है वजह

GIG Workers Protest: गिग वर्कर्स ने 3 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. इस हड़ताल में सिर्फ फूड डिलीवरी या कैब ड्राइवर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले ब्यूटिशियन, स्पा, सैलून भी शामिल होंगे.

GIG Workers Protest: गिग वर्कर्स ने 3 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. इस हड़ताल में सिर्फ फूड डिलीवरी या कैब ड्राइवर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले ब्यूटिशियन, स्पा, सैलून भी शामिल होंगे.

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Yashodhan Sharma
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GIG Workers Protest: ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग वर्कर्स ने अपनी समस्याओं को लेकर 3 फरवरी को देशभर में काम बंद करने और राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. गिग वर्कर्स का कहना है कि उन्हें न तो ठीक से मेहनताना मिलता है और न ही काम करने का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल.

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क्या है वजह

गिग वर्कर्स का आरोप है कि कंपनियां मनमाने तरीके से उनकी आईडी ब्लॉक कर देती हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी छिन जाती है. कई बार बिना किसी स्पष्ट वजह के काम रोक दिया जाता है और शिकायत करने पर सुनवाई नहीं होती.

हड़ताल में ये वर्कर्स हैं शामिल

इस हड़ताल में सिर्फ फूड डिलीवरी या कैब ड्राइवर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले ब्यूटिशियन, स्पा, सैलून कर्मचारी, घरेलू कामगार, सफाई कर्मचारी, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, एसी टेक्नीशियन और कारपेंटर भी शामिल होंगे.

जंतर-मंतर पर होगा प्रदर्शन

गिग वर्कर्स का कहना है कि इससे पहले 26 जनवरी और उससे पहले भी उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी वजह से अब Gig & Platform Service Workers Union (GIPSWU) के बैनर तले सैकड़ों गिग वर्कर्स 3 फरवरी को दोपहर 1 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे.

महिला गिग वर्कर्स ने भी लगाए गंभीर आरोप

जीआईपीएसडब्ल्यूयू ने आरोप लगाया है कि गिग वर्कर्स को अपारदर्शी रेटिंग सिस्टम, अस्थिर कमाई और बार-बार बदलती नीतियों का सामना करना पड़ता है. महिला गिग वर्कर्स को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. यूनियन का कहना है कि जब महिलाएं वेतन या काम की शर्तों पर सवाल उठाती हैं, तो उन्हें परेशान किया जाता है और कई मामलों में उनकी आईडी बंद कर दी जाती है.

यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने क्या कहा

यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि वे लंबे समय से केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को एक अलग केंद्रीय कानून के तहत औपचारिक मान्यता दी जाए. साथ ही मनमानी आईडी ब्लॉकिंग पर रोक, पारदर्शी रेटिंग सिस्टम, उचित आय और मजबूत शिकायत निवारण व्यवस्था लागू की जाए. लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है, इसी वजह से यह हड़ताल की जा रही है.

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