Noida Engineer Death: नोएडा हादसे के बाद सवालों के घेरे में प्राधिकरण, दफ्तर पर ताला और बढ़ाई गई सुरक्षा

Noida Engineer Death: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद गठित तीन सदस्यीय एसआईटी अब तक कई बार प्राधिकरण अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है.

Noida Engineer Death: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद गठित तीन सदस्यीय एसआईटी अब तक कई बार प्राधिकरण अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है.

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Yashodhan Sharma
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Noida Engineer Death Update

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Noida Engineer Death: नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद पूरे शहर में सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इस बीच नोएडा प्राधिकरण का एक कदम लोगों की नाराजगी और बढ़ा रहा है. जहां एक तरफ इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (विशेष जांच टीम) सक्रिय है, वहीं दूसरी तरफ प्राधिकरण ने सेक्टर-6 स्थित अपने मुख्य कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी है. कार्यालय के गेट पर ताला लगवा दिया गया है और बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है.

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ये है पूरा मामला

दरअसल, 16 जनवरी की रात युवराज मेहता ऑफिस से घर लौट रहे थे. इसी दौरान सेक्टर-150 में एक बिल्डर साइट पर सड़क के पास बने पानी से भरे गड्ढे में उनकी कार गिर गई. हादसा इतना गंभीर था कि युवराज की मौके पर ही मौत हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गड्ढे को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन प्राधिकरण ने कोई ध्यान नहीं दिया. न तो वहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे, न बैरिकेडिंग थी और न ही सड़क पर कोई मार्किंग की गई थी. घने कोहरे के कारण उस रात खतरा और बढ़ गया.

अधिकारियों ने SIT जांच का दिया हवाला

हादसे के बाद जब मीडिया और आम लोग जवाब मांगने पहुंचे, तो उन्हें प्राधिकरण कार्यालय में अंदर जाने से रोक दिया गया. अधिकारियों से मिलने या फोन पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने साफ जवाब नहीं दिया. पहले जहां मीडिया से मिलने का तय समय दोपहर 12:30 से 2 बजे तक होता था, अब उस व्यवस्था को भी व्यवहार में लागू नहीं किया जा रहा है. कई जूनियर अधिकारियों ने कहा कि एसआईटी जांच चल रही है, इसलिए सुरक्षा बढ़ाई गई है.

प्राधिकरण ने SIT के सामने रखी 60 पन्नों की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद गठित तीन सदस्यीय एसआईटी अब तक कई बार प्राधिकरण अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है. गुरुवार शाम एसआईटी ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सेक्टर-6 स्थित दफ्तर में अधिकारियों से जवाब लिए. प्राधिकरण ने करीब 60 पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर एसआईटी के सामने रखी है, जबकि जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी अपनी रिपोर्ट सौंपी है.

ये हैं वो सवाल

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि हादसे के बाद करीब दो घंटे तक रेस्क्यू क्यों नहीं हो पाया. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि जलभराव वाले इलाके को पहले से चिन्हित किया गया था या नहीं, और अगर किया गया था तो समय रहते सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए.

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